.        सहज कार्य, प्रीत सजल है, नर्मद सम् पावन दृगजल हैं। प्रेम  प्रीत  का पावन झरना, नेह स्नेह अभिलाष सरल है, करबद्ध जन्मदिन कहना है। अपनी प्रिय पावन बहना है। जीवन सुरभित चंदन जैसा, मैना  कोयल  जैसा स्वर है। वर्ण सुवर्ण,भाव  भी  उत्तम, मीन से अक्षि सौम्य सुघर है। […]

बोते हैं हम अपना भविष्य बच्चों में, देते हैं  खाद -पानी और वातावरण । ताकि बन सकें वे अच्छे इंसान जीवन में! हम सोचते हैं वे  होकर बड़े लग जाएंगे हमारी सेवा में, क्योंकि हमने बोया था अपना भविष्य अपने बच्चों में । हम उनसे पूर्ण समर्पण हैं चाहते, हम […]

आओ रंगबिरंगे कागज की एक नैया बनाते है। फिर से बारिश के पानी पर उसे चलाकर, गए बचपन को चलो फिर लौटा लाते  है।। वो हवाईजहाज कागज का,चलो फिर उड़ाते है। छोटी छोटी चीजो को पाने से मिलती थी खुशियाँ, उन्हें  फिर से  अपने  लिए पाने को हाथ बढ़ाते है।। […]

वो दौर भी जाता दिख रहा है जब अदद पाठक अपनी मानसिक खुराक की खोज में पुस्तकें टटोलता था, पुस्तकालय के खाक छानता था, दोस्तों से किताबें भी उधार मांगता था, कहीं सड़क किनारे लगी किताबों की दुकान पर ठहर कर वो अपने कद को खोजता था, पहचानता था वो […]

आदमी परेशान दिखता है। बिक रहा ईमान दिखता है। बिखरते   हुए  सपने  दिखे, मिट रहा अरमान दिखता  है। कदर करता नही जज्बात की, आदमी  यहां  हैरान दिखता है। अपनापन जताए भी तो किससे, शख्स  यहां अनजान दिखता है। अपनों  ने ही बेगाना बना दिया ‘सागर’ जीना  नहीं  आसान  दिखता  है। […]

होती मैं जिस ख़्वाब से रूबरू, वो खूबसूरत ख़्वाब है सिर्फ तू…! हृदय की हर धड़कन में बसा, वो मीठा एहसास है सिर्फ तू….! सिर्फ तेरे लिए ही छलकता, मेरी आँखों का गहरा समंदर….! तुझको ही हरपल मैं सोचूँ, कितनी बेचैनी है मेरे अंदर….! आ इन हाथो को थाम कर, […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।