वह बालक गरीब है उसका क्या कसूर पेट के लिए बर्तन धोता है दफ्तरों मे चाय लाता है सर्द मौसम मे नंगे पैर,फटेहाल कपड़े फिर भी वह खुश है इस कड़ी मेहनत से उसे मलाल होता है तब जब बाल श्रम कानून के सरकारी बाबू,अफसर उसे उसके नाम से नही […]
यक-ब-यक चल पड़ी हवा जैसे पूरी हो गई हर दुआ जैसे ===================== तुमको देखा तो यूँ महसूस हुआ सामने आ गया खुदा जैसे ===================== मैंने हर बार तुझे यूँ माँगा बच्चा कोई माँगे खिलौना जैसे ===================== इस तरह तूने भुलाया मुझको तू मेरा कभी न था जैसे ===================== ज़िक्र तेरा […]
