सुमन सरल विचित्र अभिलाषा अर्पित होऊ या गूथा जाऊँ मन को तनिक भी ठेस नही डाली से जब मै तोडा जाऊँ। सुन्दरता कूट कूट कर भरा हुआ है मुझमें प्रकृति भी मेरे बिन अधूरा मानव की तो बात मत पूछो मुझे अर्पित कर ही सफल होता है उसका जीवन सारा […]
ऋषि दयानन्द ने दिया दुनिया को सदसन्देश आडम्बरो से बाहर निकलो संवारो अपना देश छुआछूत से मुक्ति दो अंधविश्वास को छुट्टी दो सुधारा सारा परिवेश मूल शंकर से दयानन्द हो गए परमात्म स्वरूप ज्ञान पा गए किये शास्त्रार्थ अनेक सत्यार्थ प्रकाश की रचना की आर्य समाज की स्थापना की दिया […]
प्यार और खुशियों से भरा दिन जिस में प्रेमी प्रेमिका एक दूसरे को प्रपोज करते हैं और जीवन भर साथ निभाने के वादे करते है।साल का एक ऐसा दिन जिसे जोड़े कुछ खास तरीके से मनाना चाहते है। आज के दिन के लिए रमेश और रजनी ने कुछ खास सोच […]
मैने की आईने से दोस्ती संवारता खुद को जाने क्यों लगता मुझे प्यार हो गया नयन कह जाते बिन बोले नींद जाने कौन उड़ा गया निहारते रहते सूनी राहों को शब्दों को गढ़ता बन शिल्पकार दिल के अंदर प्रेम के ढाई अक्षर सहंम सी जाती अंगुलियां हाथों की अंगुलियां बनी […]
भारत की राजनीति में एक नया अध्याय जुड़ गया है, जिसके अपने राजनीतिक समीकरण हैं। जोकि आज के समय में प्रत्येक जगह चर्चा का विषय बना हुआ है। छोटी से छोटी जगह से लेकर बड़ी से बड़ी जगह पर आजकल चर्चाएं हो रही हैं। सामान्य जनता हो अथवा नेता चाय […]
अबूधाबी ने ऐतिहासिक फैसला लेते हुए अरबी और अंग्रेजी के बाद हिंदी को अपनी अदालत में तीसरी अधिकारिक भाषा के रूप में शामिल कर लिया है । न्याय तक पहुँच बढाने के लिहाज से यह कदम उठाया गया है । अबूधाबी न्याय विभाग (एडीजेडी) ने शनिवार को कहा कि उसने […]
मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए।
आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं।
कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।