जग में सब का मान नहीं है, हीरों की अब खान नहीं है।। पहले सा अब  काम नहीं है, इतनी भी पहचान  नहीं है।। अपने ही रखते हैं  खंजर, जीना अब आसान नहीं है।। खूब मिलावट करते हैं क्यों? अब अच्छा सामान नहीं है।। जिसको हमने मान दिया था, करता […]

कहाँ से चले थे, और कहाँ आ गए , जाना था कहाँ ,और कहाँ हम पहुंच गए / मंजिले मिली बहुत, पर हम ठहरे नहीं , क्योकि मुझको खुद, पता ही नहीं था / की मेरी आखिर, मंजिल कहाँ है  // किसको इसका दोष दे हम, सभी तो अपने हैं, […]

जय हो नमामि देवी नर्मदे खुशहाली चहुंओर कर दे । अमरकंटक धरा  से चली हर विपदाओं को माँ हरने ।। जय हो  देवी नमामि नर्मदे हर मन  को  स्वच्छ कर दे । स्वच्छता समर्पण के भावों का हर  जन  को  माँ वर दे ।। जय हो देवी नमामि नर्मदे प्यासे […]

शांतिमय जीवन के लिए कानून का पालन जरूरी दृष्टि भी अगर अपराधी हो उसे रोकना बहुत जरूरी भाई भाई की नजर से सबको दृष्टिगत रखना होगा न होने पाए मोह किसी से वानप्रस्थी अब बनना होगा जाना है जहां सभी को उसकी तैयारी  करनी होगी जीवन की हर घड़ी को […]

उसकी अहिंसा यरवदा जेल में पूना पैक्ट में साबित हुई घातक वंचितों के लिए उसकी अहिंसा ने की वंचितों के अधिकारों की हत्या उनके शासक बनने के अवसरों की हत्या समता मूलक समाज की परिकल्पना की हत्या विपन्नता से संपन्नता की ओर अग्रसर होने के हौंसलों की हत्या वो फिर […]

इंदौर। हिन्दी कविता के महानायक एवं सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन “अज्ञेय” के कालजयी ‘चौथा सप्तक’ में शामिल अग्र कवि राजकुमार कुम्भज जी का जन्मदिवस मातृभाषा उन्नयन संस्थान द्वारा मनाया गया। कुम्भज जी हिन्दी कविता के वर्तमान दौर के महानायक है, त्रयी और कई संकलनों के हिस्सेदार है, जिन्होंने अब तक कविता […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।