13 अप्रैल 1919 बैसाखी की वह सुबह अरुण रवि,अरुणिम उषा फैला दिशि-दिशि रवि करजाल कुछ उलझा–सा यूँ उलझ गया गहन तम तमस आवृत्त हुआ विहान रक्त-रक्तिम यह कैसा बैसाख! आज़ादी का शंखनाद गुंजित विप्लव वीरों के स्वर से हर्षित आत्म गौरव पुलक से पुलकित सराह रहा स्वभाग्य अपरिमित अनागत से […]
लघुकथाओं में प्रयोग स्थापित – पंकज त्रिवेदी खिड़की (लघुकथा संग्रह) लेखिका : यशोधरा भटनागर प्रकाशन-संस्मय प्रकाशन, 8 सी.एस.पी., ए.डी. ब्लॉक, शालीमार बाग़, दिल्ली-110088 मूल्य- 220/- संपर्क : 07067455455 यशोधरा भटनागर की सृजनात्मक शक्ति में नयापन, लचीलापन और लयात्मक अभिगम है। सुप्रसिद्ध रचनाकार तो हम कह देते हैं मगर रचनाकार से […]
