स्थापना दिवस विशेष हिन्दी पत्रकारिता की राजधानी कहा जाने वाला इन्दौर अपनी हर क्षेत्र की यात्रा का साक्षी है। इस शहर में पत्रकारिता अपने पेशेवरपन से ज़्यादा अपनेपन से संचालित रही है। शहर की समस्याओं को सत्ता के केन्द्र से लेकर निकाय की मेज़ तक पहुँचाने का माद्दा रखने वाले […]

इंदौर प्रेस क्लब कभी राजनेताओं के पीछे नहीं भागा, राजनेताओं और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी अपनी बात कहने के लिए इंदौर प्रेस क्लब को ही चुनते थे। कोई राजनेता, अधिकारी, कलाकार या बड़ी हस्ती किसी भी क्षेत्र की हो, वह प्रेस से मिलिये में आने के लिए आतुर रहते थे। इंदौर […]

हिंदी लेख माला के अंतर्गत डॉ. वेदप्रताप वैदिक फ़िज़ी में 15 फ़रवरी से 12 वाँ विश्व हिंदी सम्मेलन होने जा रहा है। यह सम्मेलन 1975 में नागपुर से शुरु हुआ था। उसके बाद यह दुनिया के कई देशों में आयोजित होता रहा है। जैसे मॉरिशस, त्रिनिदाद, सूरिनाम, अमेरिका, ब्रिटेन, भारत […]

✍🏻 डॉ.अर्पण जैन ‘अविचल’ हिन्दी की वैश्विक प्रगति हो रही है, चिकित्सा और विज्ञान के क्षेत्र में अविष्कार भी हो रहे हैं, मध्यप्रदेश में तो अभियांत्रिकी व मेडिकल पाठ्यक्रम भी हिन्दी भाषा में पढ़ाया जा रहा है, परन्तु विज्ञान के क्षेत्र में हिन्दी लेखन व विज्ञान पत्रिकाओं को अब देखना […]

हिंदी लेख माला के अंतर्गत डॉ. वेदप्रताप वैदिक आज 10 जनवरी को विश्व हिंदी दिवस मनाया जाता है। पहली बार यह 1975 में नागपुर में हुआ था। इसका आयोजन श्री अनंत गोपाल शेबड़े और श्री लल्लन प्रसाद व्यास ने किया था। इसका उद्घाटन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने किया था। उस […]

डॉ क्टर थे वो कलम से शब्दों कि चिकित्सा करते थे। वे अपनी कलम से हर बात खुलकर लिखते थे। द बंग पत्रकार एसे,लोग उन्हें लेखन का योद्धा कहते थे। प्र श्न कोई भी करले उनसे, बेबाक जवाब देते थे। ता रणहार बने हिन्दी आंदोलन के हिन्दी भाषा को मान […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।