मंजिल को दृष्टि में रखता…, सजग राहों में गिरता चलता…l खुशियां देता गम को सहता…, आँधी-तूफानों में निश्चल चलता…l छलता-छलता छलते जाता…, पाते-खोते चलते जाता…l प्यासा होकर प्यास बुझाता…, धोखों के ईंधन को खाता…l मंजिल को पाने राहों को टेरता…, मृगतृष्णा को मंजिल माने चलता राहगीर…l मंजिल को सफर का […]

हर आदमी के अन्दर कम-से-कम एक आदमी और रहता है, यानि एक आदमी कम-से-कम दो आदमी के बराबर होता है, कई बार तो हजारों आदमियों के बराबर। एक आदमी के सामने, एक समय में कम-से-कम दो दुनिया होती है, कभी-कभी तो इतनी सारी दुनिया कि, उसे होश ही नहीं रहता […]

रामपुर का रामू घर के सामने खड़ा होकर उनका बड़े ही बेसब्री से इन्तजार कर रहा था। उनकी सेवाभगत करने के लिए कभी वह घर में जाता था कि, उनके खाने-पीने, रहने और बैठने की व्यवस्था देखने के लिए तो कभी बाहर आकर उनकी बाट जोहता। तभी रामू के पिता […]

  हो जो कोई मेरा विरोधी, मैं सहर्ष करूँ उसको स्वीकार। दृष्टिकोण उसका भी समझूँ, ना करूँगा उसका प्रतिकार॥ समझकर उसके विचार, बदलूंगा अपना व्यवहार। बदलेगी जीवन शैली तब, बदलेगा मेरा आचार॥ नई सम्भावनाएं,नए दृष्टिकोण, मन में मेरे लेंगे आकार। शुद्ध व्यक्तित्व मेरा होगा, होंगे दूर,मन के विकार॥ हो जो […]

परिवर्तन ही प्रकृति का नियम है,इसमें ढल जाओ, बदलते परिवेश की जरूरत,हो तो बदल जाओ। कितनी भी लम्बी चाहे, हो रात काली गहरी.. छँट जाएगा अंधेरा, बन सूर्य-से  निकल जाओ। पानी की तरह जीवन, है यारों मानो अपना.. कोई हो रंग चाहे, हर रंग में घुल जाओ। आशा है फ़िर […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।