मैं अक्सर अपनी खामोशी से बात करता हूँ, कुछ देर ठहर इत्मिनान से मुलाकात करता हूँ। वो बताती है मुझे यहाँ-वहाँ इधर-उधर की बातें, कैसे बीतती है लोगों की रातें। कुछ जागती आंखों में सपने लिए होते हैं, कुछ जागकर भी सोते हैं अपना बहुत कुछ खोते हैं। जरूरी नहीं […]

तेरी यादों की ले चादर, कि सोया रहूँ मैं रात भर चाहता हूँ मैं बस इतना., कि न नींद आए,न कोई ख्वाब मेरे हाथों में रहे बस तेरा हाथ भर,                        कि,सोया रहूँ मैं रात भरl लड़ जाउँगा मैं फिर, […]

नेता संसद में पड़े,सदा उड़ाते मौज। सीमा पर यारों सुनो,सैनिक मरते रोज॥ भारत माँ के लाड़ले,सच्चे सैनिक वीर। दुश्मन का देते सदा,यार कलेजा चीर॥ फ़ौजी रक्षक देश के,इनसे अपनी शान। निर्भय  होकर जंग में,देते अपनी जान॥ सैनिक भारत देश के,सच में बड़े महान। अपने दिल से कीजिए,सब इनका सम्मान॥ जिनकी […]

विपिन के वाट्सऐप समूह पर एक वीडियो आया था। सन्देश था-अवश्य देखें और दूसरों के साथ साझेदारी करें। विपिन ने देखा तो दंग रह गया। मन ही मन सोचने लगा कि,यह तो समाज की शांति भंग कर सकता है। वह भागकर पंचायत पहुँचा तो वहाँ उसी की चर्चा हो रही […]

ये सिक्का हमारा तो चलता रहेगा। वो मौसम वफा का तो आता रहेगा॥ तुझे ही खुदा से माँगा था सभी ने। पता है हमें भी तू आता रहेगा॥ तिरे प्यार की खुशबू आती है उड़कर। वफा के लिए फिर यूँ आना रहेगा॥ शक की नजर से ये दुनिया यूँ देखे। […]

तलाशोगे खुद में तो पाओगे मुझको, भला सबसे कब तक छुपाओगे मुझको। तुम्हीं तो हो मेरी मोहब्बत की मंजिल, मैं देखूँगा कब तक रुलाओगे मुझको। नहीं भूल पाया वो वादे वफ़ा के, बताओ तो कैसे भुलाओगे मुझको। नहीं नींद आती है आँखों में अब तो, मगर एक दिन तो सुलाओगे […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।