ये यौवन क्या है तुम्हारा, उमड़ता हुआ है समंदर। डर लगता है इससे मुझको, कहीं डूब न जाऊं मै अंदर।। ये काली जुल्फे है तुम्हारी, काली घटा भी इनसे हारी। इनको जब तुम झटकती, बिजली इनके आगे मटकती।। ये आंखे क्या है तुम्हारी, नीली झील से भी गहरी। नौका विहार […]
