ज़िंदगी को गुलशन की तरह सजाना पड़ता है । गिरदाब से क़श्ती को फ़िर बचाना पड़ता है ।। सक़ाफ़त यही है कि ख़ुलूस से जीयें हम । रिश्तों को अदब से फ़िर निभाना पड़ता है ।। ज़िद पर अड़ जाये अगर कोई दुश्मन । रौब शख़्सियत का फिर दिखाना पड़ता […]
भारत की एकमात्र निःशुल्क, निःस्वार्थ संस्था “ज्ञानोत्कर्ष अकादमी,बिहार, भारत” के द्वारा साल 2021 के लिए विभिन्न क्षेत्रों मे विख्यात भारत के 15 साहित्यिक रत्नों को सम्मानित किया! जिसमें कुल 28 साहित्यकारो द्वारा विभिन्न क्षेत्रों मे लिखित पुस्तक भेज नामांकन दाखिल कराया! जिसमे संस्था की कार्यकारणी समिति के द्वारा सभी विषयों […]
