बताओ वो बज़ह क्या है
तुम्हारे मुस्कराने की
लगाई तुमने है कोई
शर्त दिल आजमाने की।
बताओ वो बज़ह क्या है
तुम्हारे मुस्कराने की।
अदाओं पर निछावर है
ज़िन्दगी जां तलक मेरी
जीत जाओ हराकर तुम
हार मन्ज़ूर है मेरी
लगाई तुमने है कोई
शर्त दिल आजमाने की।
बताओ वो बज़ह क्या है
तुम्हारे मुस्कराने की।
मिलेगा इस ज़माने में
न मुझसा कोई दिवाना
तेरी मुस्कान पर करदे
खुशियां दो जहानों की
लगाई तुमने है कोई
शर्त दिल आजमाने की।
बताओ वो बज़ह क्या है
तुम्हारे मुस्कराने की।
#श्रवण राज ‘लयरिसिस्ट राज’
परिचय :
नाम-श्रवण राज
उपनाम-लयरिसिस्ट राज
वर्तमान-शाहजहांपुर
राज्य-उत्तर-प्रदेश
शहर-शाहजहांपुर
शिक्षा-ग्रेजुएशन
कार्यक्षेत्र-गीतकार
विधा- कम्पोजिंग
प्रकाशन-कुछ प्रिंट मीडिया (2010-2011)
सम्मान- कोई नही।
ब्लॉग-कोई नही।
अन्य उपलब्धियां-फ़िल्म प्रोडक्शन वर्किंग मुंबई और निरंतर अपडेट सांग फेसबुक सोशल नेटवर्क।
लेखन का उद्देश्य- स्वतंत्र रहना।
Fri May 11 , 2018
जब कभी जीवन में कुछ, गतिरोधक सा बन जाता है। एक ज्योति जीवन में तब, प्रतिबिम्ब सा दिख जाता है।। ऐसी होती है मां, वह होती है मां….. बेटे का पक्ष लेने के लिए, वह अनेक उलझनों में पड़ जाती है। बेटी का पक्ष लेने के लिए, वह दुनिया से […]