बिस्लेरी को भेजा संदेश,हिंदी अपनाई

m l gupta
मुंबई |
`बिक्री बढ़ाने के लिए बिस्लेरी ने भारतीय भाषाओं को अपनाया।
पता नहीं,दूसरी कंपनियों को यह समझ में आया कि नहीं आया`ll
बिस्लेरी कंपनी की इस समझ और ग्राहक के सम्मान के लिए उन्हें धन्यवाद तो दिया जाना चाहिएl उन्हें अपनी भावनाओं से अवगत करवाएँ।
विपणन(मार्केटिंग) के लिए भारतीय भाषाओं का प्रयोग बढ़ाने के लिए प्रयास करें। इस संबंध में निजी स्तर पर,कंपनियों तक ग्राहकों की बात पहुंचाने तथा उन्हें प्रेरित करने के संबंध में आपके सुझाव,विचार अवश्य भेजिएl वैश्विक हिंदी सम्मेलन के समूह व्यवस्थापक एम.एल.गुप्ता ने कम्पनी को एक ट्विट से इसके लिए अनुरोध किया था,जिस पर यह बदलाव किया गया हैl
(साभार-वैश्विक हिंदी सम्मेलन,मुंबई)

                #डॉ. एम.एल. गुप्ता ‘आदित्य’

matruadmin

Next Post

नहीं कोई और...

Thu Jan 25 , 2018
मेरी चाहत में नहीं कोई और है, मेरी जिंदगी में वही सिरमौर है। काफ़िर हूँ चलता रहूंगा काम है, जिंदगी में अपना नहीं ठौर है। चिराग को सम्भालना मेरे कान्हा, बुझाने वाले यहां चारों ओर है। हर शब्द लिखा है सिर्फ उनके लिए, उनको मेरे शब्दों पर नहीं गौर है। […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।