
शब्दों में कैसे बयां करुं,
एक सैनिक का दर्द
परिवार से पहले देश
के लिए निभाता फर्जl
अपनों के लिए नहीं मौका,
मिलता करने का अर्ज
लेकिन,क्यूँ सैनिक ही पूरा
करता देश के लिए कर्जl
नेता क्यूँ नहीं होता,
देश का असली मर्द
नेता चुनाव में ही
अनाथ के साथ सोता
जब रातें होती सर्दl
दुनिया अजीब-सी है,
नेता की बेदर्द
सैनिक शब्द में ही,
गर्व के साथ छुपा है दर्दll
#आरती जैन
परिचय: आरती जैन राजस्थान राज्य के डूंगरपुर में रहती है। आपने अंग्रेजी साहित्य में एमए और बीएड भी किया हुआ है। लेखन का उद्देश्य सामाजिक बुराई दूर करना है।
Thu Oct 5 , 2017
लाठी लिए,अपने पथ पर चले, धोती लपेटे,बस आगे बढ़े सादगी थी जिनकी पहचान, अपने-आप को किया जिसने, देश को कुर्बानl अंग्रेंजों का किया,भारत से सफाया, एक लाठी का असर,पूरे भारत में था छाया गोल-सा चश्मा पहने, अंग्रेजों को खदेड़ा जिसने `बापू` कहता है पूरा जग जिनको, आज़ादी दिलाई भारत को […]