इंसान बिकता है…

aarav

सच्चे इंसान को झूठा साबित किया जाता है…
और हर झूठा आदमी लोगों को सच्चा इंसान दिखता है,
कुछ नहीं हो सकता इस देश का…
यहां पैसों में हर एक इंसान बिकता है…ll

हक छीने जाते हैं यहां गरीब किसानों के…
और भ्रष्टाचारी ही यहां सबसे ज्यादा अमीर इंसान दिखता है,
कुछ नहीं हो …
यहां पैसों में हर…ll

इज्जत नहीं करते इस देश में लोग महिलाओं की…
और हर गली में इज्जत उतारने का धंधा दिखता है,
कुछ नहीं हो…
यहां पैसों में हर…ll

यहाँ के इंसाफ की नजरों को जान से मारने वाला शरीफ…
और जान  बचाने वाला हत्यारा इंसान दिखता है,
कुछ नहीं हो…
यहां पैसों में हर…ll

वकील यहाँ आरोपी को सजा से बचाते हैं….
और पीड़ित व्यक्ति उन वकीलों के धंधे में बिकता है…
कुछ नही हो…

यहां पैसों में हर…ll

यहां भ्रष्टाचारी नेताओं का बोलबाला है…
हर चीज यहाँ उनको एक धंधा दिखता है,
कुछ नहीं हो…
यहां पैसों में हर…ll

देश के दुश्मन भी,इस देश में माफ किए जाते हैं…
देशभक्त कुछ कह दे तो कानून से बुरी तरह पिटाता है,
कुछ नहीं हो…
यहां पैसों में हर…ll

देश का रक्षक जिन देश के लोगों से मारा जाता है…
उसी देश से मेरा नेता शांति वार्ता की उम्मीद रखता है,
कुछ नहीं हो…
यहां पैसों में हर…ll

चाहे जितना भी उजाला हो देश में आज और आगे भविष्य में…
मेरे देश का भविष्य मुझे अंधकार की राह में ही दिखता है,
कुछ नहीं हो सकता है इस देश का…
यहां पैसों में हर एक इंसान बिकता है…ll

कुछ नहीं हो सकता है इस देश का…,
यहां पैसों में हर एक इंसान बिकता है…ll

                                                                     #आरव शुक्ला
परिचय : आरव शुक्ला अभी छात्र हैं,पर कविताएँ रचने का शौक रखते हैं। इनका निवास रायपुर के सुन्दर नगर (छत्तीसगढ़) में है। केवल पंद्रह वर्ष के आरव की जिंदगी को लेकर खुली समझ इनके लेखन को प्रदर्शित करती है।

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