ईएसआईसी अस्पताल में हुआ राजभाषा समारोह

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भाषा से होता व्यक्तित्व निर्माण – राकेश शर्मा

इंदौर, 12 जून । जीवन में भाषा का बड़ा महत्व होता है। भाषा व्यक्तित्व का निर्माण करती है। यह बात हिन्दी मासिक वीणा के संपादक श्री राकेश शर्मा ने कही। वे सोमवार दोपहर कर्मचारी राज्य बीमा निगम आदर्श चिकित्सालय एवं व्यावसायिक रोग केंद्र, नंदा नगर, इंदौर में आयोजित राजभाषा समारोह में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। समारोह की अध्यक्षता करते हुए चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुशील कुमार भारती ने सभी कार्मिकों से हिन्दी में अधिक से अधिक काम करने का आह्वान किया। विशेष अतिथि विचार प्रवाह साहित्य मंच के अध्यक्ष मुकेश तिवारी ने कहा कि भाषा, भोजन एवं वेश-भूषा अपनी होनी चाहिए। जितना ज्यादा अपनी भाषा को बोलेंगे और लिखेंगे वह उतनी ही ज्यादा विकसित होगी। विशेष अतिथि मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अर्पण जैन ने कहा कि भारत विश्व का सबसे बड़ा बाज़ार है, इसलिए दुनिया के दूसरे लोगों को भी व्यापारिक व्यवहार के लिए भी हिन्दी सीखनी पड़ रही है।


अस्पताल के उप निदेशक सुमित शुक्ला ने बताया कि गृह मंत्रालय भारत सरकार के अंतर्गत संसदीय राजभाषा समिति की तीसरी उप समिति को चिकित्सालय के निरीक्षण के दौरान दिए गए आश्वासनों के अनुपालन में यह आयोजन किया गया । सरस्वती वंदना उमा राठौर , पूजा वर्मा एवं दुर्गेश द्वारा प्रस्तुत की गयी। संचालन सहायक निदेशक (राजभाषा) श्री सुनील कुमार द्वारा किया गया । आभार उप चिकित्सा अधीक्षक डॉ. शैलेश चौधरी ने माना। समारोह में डॉ. कपिल वर्मा , डॉ. अर्पिता गुप्ता एवं चिकित्सा, प्रशासन, पैरा मेडिकल एवं नर्सिंग अधिकारियों, कर्मचारियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया ।

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

आपका जन्म 29 अप्रैल 1989 को सेंधवा, मध्यप्रदेश में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर हुआ। आपका पैतृक घर धार जिले की कुक्षी तहसील में है। आप कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। आपने अब तक 8 से अधिक पुस्तकों का लेखन किया है, जिसमें से 2 पुस्तकें पत्रकारिता के विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध हैं। मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष व मातृभाषा डॉट कॉम, साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 21 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण उन्हें वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं और ख़बर हलचल न्यूज़ के संस्थापक व प्रधान संपादक हैं। हॉल ही में साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन संस्कृति परिषद्, संस्कृति विभाग द्वारा डॉ. अर्पण जैन 'अविचल' को वर्ष 2020 के लिए फ़ेसबुक/ब्लॉग/नेट (पेज) हेतु अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से अलंकृत किया गया है।