‘कलम कैफ़े’ का प्रसारण आज से, मनोरंजन का इंदौरी ठिया बना

इन्दौर।

अवसाद से भरे कोरोना काल से आम लोगों को उबारने के उद्देश्य से देश के चर्चित हास्य कवि अतुल ज्वाला ने स्टूडियो ‘कलम कैफ़े’ तैयार किया है जिसका लोकार्पण शनिवार से डिजिटल होगा।

हास्य व्यंग्य और कविता के माध्यम से लोगो के मनोरंजन और नई प्रतिभाओं को एक अच्छा प्लेटफार्म देने के उद्देश्य से कलम कैफे की शुरुआत डिजिटल प्लेटफार्म पर की गई है । स्टूडियो राऊ इंदौर में बनाया गया । इसका प्रसारण 10 जुलाई से प्रतिदिन शाम 5 बजे फेसबुक पेज , यूट्यूब और इंस्टाग्राम पर किया जाएगा ।
इस कार्यक्रम की प्रोडक्शन टीम में दिनेश दिग्गज, प्रेरणा ठाकरे , डॉ. अर्पण जैन , हिमांशु बवंडर ने कमान संभाल रखी है । इस कार्यक्रम के निर्माता निर्देशक कवि अतुल ज्वाला है । लॉक डाउन के आपात काल में इंदौर से इस तरह का कार्यक्रम निकलना देश भर में आनंद का विषय हो रहा हैं। नवोदित एवं स्थापित कवियों के द्वारा स्वस्थ्य हास्य एवं वैचारिक कविताओं के माध्यम से मनोरंजन किया जाएगा। साथ ही नई प्रतिभाओं को मंच मिलेगा , जिससे अच्छी प्रतिभाएं जन मानस तक पहुचेगी , और जनता को हास्य और कविताओं के नए स्वरूप से रूबरू होने का अवसर मिलेगा ।

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।