मकर संक्रांति

हे उत्तरायण होते सूर्य कृतज्ञ वंदन करता हूं,
सबके जीवन को सुख-संमृद्धि से तूम भर देना ।
तेरी पावन किरणों का सब पर प्रकाश डाल कर तूम ,
सबके जीवन मे ऊर्जा का संचार कर देना।

सती की योगाग्नि दहन के याद में आग जलाते है,
पंजाब के लोग आज लोहड़ी पर्व मनाते है,
उनकी इस भक्ति को तुम स्वीकार कर लेना,
सबके जीवन को सुख-समृद्धि से तुम भर देना,

बाबा गौरखनाथ के परंपरा को निभाते है,
आज उत्तरप्रदेश के लोग खिचड़ी पर्व मनाते है,
अर्पित खिचड़ी के प्रसाद को ग्रहण कर लेना,
सबके जीवन को सुख-समृद्धि से तुम भर देना,

नववर्ष के पहले त्योहार में पतंग उड़ाया करते है,
पश्चिम भारत के लोग इसे उत्साह से मनाया करते है,
उनकी ख़ुशियों में आज तुम भी शामिल होना,
सबके जीवन को सुख-समृद्धि से तुम भर देना,

मौसम की पहली फस्ल के लिए कामना करते है,
असम के लोग उत्साह से बिहू पर्व मनाया करते है,
उनकी कामना-प्रार्थना को तुम स्वीकार कर लेना ,
सबकी जीवन को सुख-समृद्धि से तुम भर देना,

महराष्ट्र में गजक-तिल के लड़डू खाया करते है,
आंध्रा में इसे तीन दिनों तक मनाया करते है,
इनकी खुशियों को गुड़ जैसा मीठा तुम कर देना ,
सबकी जीवन को सुख-समृद्धि से भर देना,

तमिल में किसान दाल-खिचड़ी बनाया करते है,
दक्षिण में सब लोग पोंगल पर्व मनाया करते है ,
उनके जीवन को हर्ष-उल्लास प्रदान कर देना ,
सबके जीवन को सुख-समृद्धि से तुम भर देना,

सम्पूर्ण भारत में इसे कई तरह से मनाया जाता है ,
यह त्योहार मकर-संक्रांति के नाम से जाना जाता है,
उत्तर से दक्षिण तक सबकी भक्ति स्वीकार कर लेना,
सबकी जीवन को सुख-समृद्धि से तुम भर देना ।।

#आरव शुक्ला

परिचय : आरव शुक्ला अभी छात्र हैं,पर कविताएँ रचने का शौक रखते हैं। इनका निवास रायपुर के सुन्दर नगर (छत्तीसगढ़) में है। केवल पंद्रह वर्ष के आरव की जिंदगी को लेकर खुली समझ इनके लेखन को प्रदर्शित करती है।

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Tue Jan 14 , 2020
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संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।