
हर शब्द मेरा अब चिगांरी होना चाहता है,,
हर शख्स देश का मेरे अब अंगारी होना चाहता है,,
कायरता से हमला करने वालो सुन लो गोर से,,
मेरे देश की रोती आंख का हर आंसू,
अब विजय दिवस की किलकारी होना चाहता है,,
खुली छूट दो मोदी जी कुछ ऐसी,
जो सेना रख दे दुश्मन को भून के,,,
इस बार की होली ” राणा ”
खेलेंगे दुश्मन के खून से,,,,
#सचिन राणा हीरो
हरिद्वार (उत्तराखंड)

