दयाधर्म का पाठ पढ़ाया 

mukesh rishi varma

दयाधर्म का पाठ पढ़ाया |
जग को अहिंसा के मार्ग पर चलाया ||
बापू आपके बिना सब सूना-सूना है |
आपको हृदय में हमारे रहना है ||

जन-जन का उद्धार किया |
भूले-भटकों को मार्ग दिखाया ||
आपको हम कैसे-क्यों भुला दें?
क्या कसूर था बापू का, कोई तो बता दे?

आंखें नम हैं पढ़के करूण कहानी |
सच्चाई किसी ने न जानी?
अब कौन हमारा दर्द बाँटे?
मानवता को पड़ रहे शैतानी चाटें ||

हाथ जोड़ विनती करें |
बापू पुनः कोई अवतार धरें ||
लगता हमको, विधि ने जो खेल रचाया |
आपने विधि की खातिर निज धर्म निभाया ||

#मुकेश कुमार ऋषि वर्मा

परिचय : मुकेश कुमार ऋषि वर्मा का जन्म-५ अगस्त १९९३ को हुआ हैl आपकी शिक्षा-एम.ए. हैl आपका निवास उत्तर प्रदेश के गाँव रिहावली (डाक तारौली गुर्जर-फतेहाबाद)में हैl प्रकाशन में `आजादी को खोना ना` और `संघर्ष पथ`(काव्य संग्रह) हैंl लेखन,अभिनय, पत्रकारिता तथा चित्रकारी में आपकी बहुत रूचि हैl आप सदस्य और पदाधिकारी के रूप में मीडिया सहित कई महासंघ और दल तथा साहित्य की स्थानीय अकादमी से भी जुड़े हुए हैं तो मुंबई में फिल्मस एण्ड टेलीविजन संस्थान में साझेदार भी हैंl ऐसे ही ऋषि वैदिक साहित्य पुस्तकालय का संचालन भी करते हैंl आपकी आजीविका का साधन कृषि और अन्य हैl

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