राष्ट्र भाव

0 0
Read Time43 Second
cropped-cropped-finaltry002-1.png
प्रचंड इस वेग में
यही तो एक बात है,
अखण्ड इस विचार में
प्रचंड राष्ट्र भाव है।
सहस्र बरसों की वेदना
वेदना ही उत्पत्ति है,
उठो,उठो भारती
दिव्य ही स्वभाव है।
चलो, कीर्ति पथ पर
असंख्य भाव भरे हैं,
इसी वेग के साक्षी
विजय ही स्वभाव है।
पूर्वजों के ऋण का
उऋण ही ताज है,
शक्ति ही सारथी
प्रचंड वेग ही महान है।
पवित्र पथ खुला हुआ
बढ़े चलो, बढ़े चलो,
उठो,उठो भारती
यही शुभ मुहूर्त है।
#महेश रौतेला
अहमदाबाद(गुजरात)

matruadmin

Average Rating

5 Star
0%
4 Star
0%
3 Star
0%
2 Star
0%
1 Star
0%

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

वैश्विक नूतन वर्ष .......2018

Thu Dec 13 , 2018
उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है, समय है जाने वाले साल को अंतिम सलामी देने का और आने वाले नए साल का स्वागत करने का, जैसे-जैसे दिन-तारीख बदल रहे हैं, दुनिया के कोने-कोने में नव वर्ष के स्वागत की तैयारियां जोरों पर है। स्वागत का यह जश्न बंधा है समय के […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।