(भाग- २)….. ‘मछ्ली’ आज फिर से उड़ना चाह रही है; ‘मछली’ आज फिर से चलना चाह रही है। चाहत पहले भी उड़ने की; है चाहत पर उड़ने की; चाहत सपना है बन बैठा; सच बस खोना है। चमक उठी है आँखें कब से; सपनों से भरी पड़ी; उन सपनो को […]

उत्तर प्रदेश सरकार ने जिस तरह की कार्यशैली अपनाई है वह प्रशंसा के योग्य है। यदि यही कार्यशैली पहले की सरकारों ने ईमानदारी के साथ अपनाई होती तो आज ऐसी जटिल समस्या न आती। बड़ा से बड़ा भ्रष्टाचार राजनीति की क्षत्र-छाया में फलता फूतता रहा अधिकारी एवं राजनेताओं की मिली […]

असम्भव कुछ भी नही यदि कुछ कर गुजरने का जज्बा हो,पहाड़ पर पानी रोकने की बात सोचना ही कठिन बात है लेकिन यदि इसे साकार कर दिया जाए तो क्या ही कहने,जी हां पहाड़ के कुछ युवाओं ने पहाड़ पर वर्षा या फिर बहकर आ रहे पानी को रोकने के […]

रथ यात्रा विश्व की प्रसिद्ध और प्रधान यात्रा हे, रथ यात्रा पूरी और अहमदाबाद में आशाढ़ शुक्ल द्वितीया को होती है, श्री जगन्नाथ, सुभद्रा को स्नान करावकार रथ मे बिठाकर बड़े समारोह के साथ जनकपुर और विश्राम वाटिका की ओर जाते हैं, ટીમો देवता सुन्दर गहना पहने ठाठ बाट के […]

कैथल | टांटिया विश्वविद्यालय,श्री गंगा नगर  राजस्थान एवं किन्नर अधिकार ट्रस्ट (रजि.), कैथल, हरियाणा के संयुक्त तत्वावधान में गुहला-चीका, जनपद-कैथल, हरियाणा में  “किन्नर समाज विविध परिपेक्षीय विमर्श” विषयक दो दिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय बहुउद्देशीय संगोष्ठी  कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस संगोष्ठी में देश- विदेश के शोधार्थीओं ने भाग लिया और अपने-अपने […]

भूलने को तो बहुत सी बातें भूल जाती हूँ मैं मगर जो भूलना चाहती हूँ वो क्यू याद आते है। कुछ लोग बिछङ कर भी साथ साथ होते है। कुछ साथ हो कर भी क्यू बिछङ जाते है। हमसफर ,हमराह ,हमजुबाँ तो मिल जाते हैं हमख्याल, हमनवाँ ही क्यू दिल […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।