कभी-कभी मुस्कान लिये दूर तक पहुंच जाना, कभी-कभी प्यार लिये दूर तक आ जाना, योंही अचानक बढ़ा देना राहों की लम्बाई, समय को खोल देना सबके लिए दूर तक, जैसे नदी निकल जाती है दूर पक्षियां उड़ कर बस जाती हैं दूर, मनुष्य उजाले में आ जाता है दूर-दूर तक, […]
बौना कर दिया हर पर्वत तूने, इनकी चोटी भी सर झुका रही! किया कदमों को इतने ऊंचे तूने, कि तू आसमान तक जा चढ़ी!! अकेली ही चल पड़ती थी, ना कभी भी कहीं घबराई तू! आज काफिले के साथ , नेतृत्वकारी बनकर तू आगे बढ़ी!! पूरा विश्व तुझ पर गर्व […]
शब्दो को शब्दों में हम सजाते है। उन्हें गीत गजल और लेखों में दर्शाते हैं। समाज की कुरीतियों का वर्णन करके, उन्हें मिटाने की कोशिस हर दम करते है। और एक अच्छे समाज और देश का निर्माण करवाते है।। बहुत पावन और पवित्र है हमारा देश हिंदुस्तान। जिसके हर कण […]
है ऐसी मेरी भावना, बन सकूं वीरांगना। कलुषता निकाल दूं, नेक करूँ कामना।। घात बात छोड़कर, कू रिवाज तोड़कर। धीर अपना बांध के , नेक धरूँ धारणा।। सत्य कर्म सीखकर, लाज शर्म सींचकर। प्रेम भाव पर मरूं, है यही अराधना।। देश शान पर मरूँ, मैं नाम देश का करूं । […]
अंधियारी रातों में सूने मन से मैं कुछ कहता हूँ, सोच सोचकर मन ही मन के भावों में मैं बहता हूँ ! सोचू कल भी सुबह सुबह वह छोटा बच्चा रोयेगा, सोचू कल भी युवा वर्ग ये कब तक यूँही सोयेगा, सोचू कब तक घर का बूढ़ा बाहर यूँही खासेगा, मन के […]
मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए।
आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं।
कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।