लाईन में जिंदगी आम आदमी की जिंदगी गुजरती है लाईन में ॥ ख्वाबों की लड़ियां सजती -बिखरती है लाईन में । आम आदमी ********॥ क्षुधातृप्ति का सामान राशन है लाईन में । जलानी हो ढिबरी तो किरासन भी लाईन में । आम आदमी *******॥ निकले जो सफर में टिकट भी […]
साहित्य संगम संस्थान के विषय छंदोत्सव विशेषांक समीक्षा पर राजवीर सिंह मंत्र जी,मीना भट्ट जी,छगनलाल विज्ञजी,गुणवती गार्गी जी,बाबा कल्पनेश जी,सुनील कुमार अवधिया जी,महालक्ष्मी मेधा जी,भावना दीक्षित जी,भारती वर्मा जी,हरीष विष्ट जी,आरती डोंगरे जी,राजेश कौरव जी,ने बहुत सारगर्भित समीक्षा कर इस विशेषांक की सराहना की शुभकामनाएं दी।अत्यंत खुशी की बात ये […]
