मिलावट का बाजार लगे लाला लगा धन कमाने में सारी सामग्री दवाओं में लिपटी जंग लग रही देश के होनहारो में। बढती रासायनिक प्रयोग अब सितम ढाने लगा दाल रोटी साग सब्जी फल भी जबसे रासायनिक प्रयोगो द्वारा उपजने लगा। बढ़ते रोगो से इंसान वक्त से पहले ही धरती से […]

आगरा | विश्वशांति मानव सेवा समिति – आगरा (उ. प्र.) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जय किशन सिंह एकलव्य ने मुकेश कुमार ऋषि वर्मा को समिति में मीडिया प्रभारी (अवैतनिक) के पद पर मनोनीत किया है | विश्वशांति मानव सेवा समिति के सौजन्य से इस समय कई महत्वपूर्ण कार्यों को किया जा […]

“मृत्यु जीवन का शाश्वत सत्य है ।, जीवन मिट्टी से मिट्टी तक की यात्रा है।, अर्थी से पहले जीवन का अर्थ जान ले।“ ये बोध वाक्य हर बार उस समय याद आते है जब हम किसी को श्मशान में छोड़ने जाते है और शोकसभा के कक्ष की दीवारों पर अपनी […]

बहुत अच्छा है कि खूबियाँ साथ ले के चलो मज़ा तो तब है कि खामियाँ भी साथ ले के चलो कामयाबी की तफ़्तीश पूरी नहीं हो सकती हो सके तो नाक़ामियाँ भी साथ ले के चलो नामदार होने का लुत्फ भी तभी है मियाँ जब कुछ बदनामियाँ भी साथ ले […]

नाजों से पली मधु को शादी से पहले इस बात की भनक तक न थी कि शादी के बाद उसे प्रतदिन रोना पड़ेगा l संयुक्त परिवार की बेटी मधु के आँखों में आँसू देख उसके बड़े ताऊ आसमान सिर पर उठा लेते थे l इसलिए परिवार के सभी बच्चे मधु […]

देखो आजकल के हालात पूछता है दिल ,पूछती है निगाहें ना जाने कितने सवाल टिक नहीं पाती आईने के आगे नजरें चुरा लेती हूँ अंदर दबाना चाहती हूँ आवाज फिर भी जाने कैसे छलक जाते हैं आंसू एक-एक बूंद से उभर आए अपने दबे हुए जज़्बात कहां छिपूं जाऊं कहां […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।