बन रहा हिन्दी प्रसार के लिए सूचना तंत्र, हिन्दी आन्दोलन को मिलेगा बल #राजनैतिक दलों के आई टी सेल की तरह हिन्दी के लिए काम करेगा सूचना प्रौद्योगिकी प्रकल्प इंदौर । मातृभाषा उन्नयन संस्थान द्वारा हिन्दी को राष्ट्रभाषा बनाने के लिए किए जा रहे आन्दोलन को गति देने व हिन्दी […]

जन्नत के बहाने क्यों दोज़ख़ की तरफ़ ले जाते हो ए जिहाद वालों क्यों तुम मासूमो को बरगलाते हों। बताओ कौन से ख़ुदा ने कहा है पाक है क़त्ल-ए-इंसाँ ख़ुदाई में वो अपनी मोहब्बत करने को तुमसे कहता है। हूर की बात तुम करते हो जो जन्नत में मिलेगी पर क्यों छुपाते हो, दोज़ख़ भी न मिलेगा इस ख़ूनी खेल के बाद। इशरत-ए-इंसाँ है मोहब्बत में मिट जाना फिर क्यों नफ़रत में जल के औरों को जलाते हो। साजिशों में क्या रखा हैं गुनाहों के अलावा क्यों तुम इस कायनात में गड़बड़ी फैलाते हो। फ़राइज़ तले गुज़ारिश है तुमसे जिहाद वालों छोड़कर राह-ए-कुफ़्र अमन से ज़िंदगी बिता लो। #डॉ. रूपेश जैन ‘राहत’ Post Views: 56

कुछ तो शर्म करो दिल्ली, क्या बुरा हाल किया अन्नदाता का। मिट्टी से ये सोना निकाले, अनमोल पूत भारत माता का।। तपती धूप की गर्मी में भी उफ्फ तक ना ये करता है। पाला पड़ती सर्दी में भी देखो इसका बदन ठिठुरता है। सरकार ने इतना मजबूर किया ये आत्महत्या […]

शहर के युवा रचनाकार और शायर डॉ वासिफ क़ाज़ी के काव्य संग्रह अदीब का विमोचन 29 सितंबर को झीलों के शहर भोपाल में वरिष्ठ साहित्यकारों की गरिमामय उपस्थिति में किया गया । डॉ वासिफ क़ाज़ी के इससे पूर्व भी दो काव्य संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं , जिन्हें पाठकों की […]

“यह तुम्हारा रोज़-रोज़ का तमाशा हो गया है। दो दिन आती हो और चार दिन छुट्टी मारती हो…कभी लड़की बीमार है, कभी लड़का और कभी खुद। काम में मन लगता नहीं, बस पैसे चाहिए। मालूम है इस महीने पूरे दो सौ पचास रूपये चढ़ गये हैं। महीना पूरा होने में […]

ख्याल दिल में तेरा आया न होता नैन  जो  तुझसे  लड़ाया न होता कहना चाहती थी तुझसे मेरी आँखे कह जाती तो ख़त आया न होता जिगर में तेरे मैं तेरा बन के रहता जो किया तूने मुझको पराया न होता जलाए चराग़ मैंने तेरे दिल में जलते गर तूने […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।