“मैं सोचती हूं,, सो गये हैं भाव सारे और जिम्मेदारियाँ भी सो गया परिवार।। घुप्प सन्नाटे भरे इस मौन में,, कुछ पल जरा सो लूं, कुछ स्वप्न मैं बुन लूं, हाँ मगर था जग रहा कुछ अनकहा मेरे हृदय में,, मैं जिसे समझी थी ठंडी बर्फ़ है बस।। वो पिघलती […]

माँ बाप का परम कर्तव्य बनता है की वो अपने बच्चो को सही तालीम के साथ संस्कार और ज्ञान दे, ताकि आने वाले समय में उन्हें अपने पैरो पर खड़ा होने के लिए कोई परेशानियो का सामना न करना पड़े /दोस्तों आज की शिक्षा व्यवस्था हमारी आने वाली पीढ़ी को […]

मैं उसके दिल में रहा,पर उसका हो न सका किराए पे रह कर भी तो सदी गुजरती है हर दिए से रोशनी आए ये कोई शर्त तो नहीं पहाड़ों से छिटक कर भी रोशनी बिखरती है आईना ही आखिरी मुंतजिर नहीं हुश्न का धूल और मिट्टी में भी मूर्तियाँ सँवरती […]

हर सजा हुआ चेहरा गुलाब, सा नहीं होता। हर धड़कता हुआ दिल लाजबाब, सा नही होता। कहते है प्यार करने वाले दिल की धडकनों में टीस उठती है जब कभी कोई दवा भी दिदार सा नही होता हर सजा हुआ चेहरा गुलाब सा नहीं होता हर धड़कता हुआ दिल लाजबाब, […]

मेरे  प्यारे  बाबा  मुझको  रोज सुबह जगाते है। उठ जा बाबू बोल बोल कर मेरी नींद भगाते है। प्यारी प्यारी पुच्ची देकर मुझको गोदी में उठाते है। देर हो रही स्कूल को , वो मुझको रोज समझाते है। सुबह सुबह स्कूल जाने के लिए हंगामा रहता है। मुझे छोड़ कर […]

एक अरसे से मैं बुझा ही नहीं मैं कश्मीर हूँ,जलना ही मेरी नीयत है क्या रावी तो कभी चेनाब से धुआँ उठता है चिनार से पूछो ये अच्छी तबियत है क्या सेब के बगीचे वो केसर की क्यारियाँ खुशबू बिखेरती फ़ज़ा हो गई रुखसत है क्या डल झील के शिकारों […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।