इंदौर। विश्व पुस्तक व कापीराइट दिवस पर मध्य भारत हिन्दी साहित्य समिति में श्री दयानंद शिक्षण समिति द्वारा संचालित माधव विद्यापीठ विद्यालय की प्राचार्य डॉ. निशा भाटिया का सम्मान किया गया।विश्व पुस्तक दिवस के अवसर पर इन्दौर संभाग पुस्तकालय संघ द्वारा किए गए इस कार्यक्रम में बाल पत्रिका देवपुत्र के […]

परिचर्चा संयोजक- डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ कविता के इतिहास से इस बात की गवाही मिलती है कि हर युग में कविता ने जनजागरण का कार्य किया है। कविता का मूल स्वभाव ही जनतंत्र की स्थापना और उनका जागरण है। 1923 में गयाप्रसाद सनेही जी द्वारा प्रारम्भ हुई कवि सम्मेलन परम्परा […]

पुस्तकें प्रलय को सृजन में बदलने की क्षमता रखती – श्री माहेश्वरी श्री कौतुक व श्री ठाकरे को किया सम्मानित इंदौर। शहर की साहित्यिक संस्था विचार प्रवाह साहित्य मंच चलो चलें किताबों की ओर अभियान चलाएगी। इस अभियान के तहत युवाओं और स्कूली बच्चों के बीच विभिन्न साहित्यिक और बौद्धिक […]

कविता हिंसा के खिलाफ अहिंसात्मक विद्रोह है-कवि श्री सत्तन इंदौर। कवि जन जागरण का काम करता है। जिस समय भारत का स्वतंत्रता का आंदोलन चल रहा था, उस समय मैथिलीशरण गुप्त की कविता ‘भारत भारती’ ने लाखों नौजवानों को देश के लिए आगे बढ़ने और मर मिटने के लिए प्रेरित […]

इंदौर। विश्व पुस्तक दिवस के उपलक्ष्य में मातृभाषा डॉट कॉम द्वारा पुस्तक समीक्षा प्रतियोगिता में अलीराजपुर की संध्या रामप्रसाद पाण्डेय विजेता बनीं। मातृभाषा डॉट कॉम के सम्पादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ ने बताया कि ‘उक्त प्रतियोगिता डिजिटल स्वरूप में आयोजित की गई थी, कई रचनाकारों ने पुस्तकों की समीक्षाएँ भेजी […]

पुस्तक का नाम- सवा सेर गेहूं लेखक- मुंशी प्रेमचंद पुस्तक का मूल्य- एक सौ पच्चीस रुपये ₹125/– प्रकाशक- अनन्य प्रकाशन, दिल्ली भारत के सभी प्रमुख बुक स्टॉलों पर उपलब्ध ओपन बुक स्टोर समदड़िया मॉल जबलपुर (म.प्र.) विधा- गद्य कहानी सवा सेर गेंहू व अन्य कहानियाँ मुंशी प्रेमचंद की लेखनी सदा […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।