भारत देश में सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा है – *हिंदी* और करीब सत्तर प्रतिशत जनता हिंदी भाषा का प्रयोग दैनिक जीवन में करती है। पहले हिंदी के संचार का माध्यम सीमित था अखबार ,रेडियो, टेलीविजन, कंप्यूटर, लेपटॉप तथा इंटरनेट की दुनिया ने तो जैसे एक नई क्रांति ही […]

भारत देश में सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा है – *हिंदी* और करीब सत्तर प्रतिशत जनता हिंदी भाषा का प्रयोग दैनिक जीवन में करती है। पहले हिंदी के संचार का माध्यम सीमित था अखबार ,रेडियो, टेलीविजन, कंप्यूटर, लेपटॉप तथा इंटरनेट की दुनिया ने तो जैसे एक नई क्रांति ही ला दी […]

उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है, समय है जाने वाले साल को अंतिम सलामी देने का और आने वाले नए साल का स्वागत करने का, जैसे-जैसे दिन-तारीख बदल रहे हैं, दुनिया के कोने-कोने में नव वर्ष के स्वागत की तैयारियां जोरों पर है। स्वागत का यह जश्न बंधा है समय के […]

टूट गई है मेरी हिम्मत, पस्त हो गया हौंसला। कितनी मुश्किल से जोड़कर, बुना था एक घोंसला। ख्वाब का ताना-बाना बुनकर, खड़ा किया एक आशियाना। जिंदगी के इम्तिहान ने, कर दिया चकनाचूर लेकिन, मैं भी लाचार और बेबस नहीं। कर लो चाहे जितना भी मजबूर, मैं गिरूंगा उठूंगा,फिर सम्भलूंगा। जोड़ […]

मैं मेरी माँ का अनमोल गहना, फौजी का अरमान तिरंगा हूँ। मैं तीन रंगों में विभाजित,लेकिन एकता का रंग तिरंगा हूँ …….॥ मैं वीरांगना का उजड़ा सुहाग, सोलह श्रृंगार तिरंगा हूँ। मैं देश का गौरव माँ का आँचल, वीरों का लिबास तिरंगा हूँ …..॥ धर्म-जाति से मेरा नहीं कोई वास्ता, […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।