दान की महत्ता क्या होती है यह सनातन धर्म से अधिक कौन जानेगा ? हमने अपना तन, शरीर, सर्वस्व देकर भी शरणार्थी की रक्षा की है। राजा शिवि ने एक कबूतर की जान बचाने के लिए अपना पूरा शरीर काट काट कर बाज को दान कर दिया। राजा बलि ने […]

प्रशिक्षण कालेज के पहले ही दिन मेरा सामना कालेज की एक प्यारी सी लड़की से हुआ, मुझे भविष्य के बारे में बिल्कुल भी पता नहीं था कि कभी हम इस ठाकुराइन से इतना प्यार करने लगेंगे की जान भी दे सकते हैं। बात करने की हिम्मत तो कभी होती नहीं […]

221 1222 221 1222 मुलाकातों का दौर तो सदियों से चला आ रहा है, ये कालचक्र भी तीव्र वेगी से चला जा रहा है। जैसे लैला और मजनू छले गए थे जमाने से, वैसे अब तो मुझे भी छला जा रहा है। मेरे इश्क के जज्बातों को भला समझे कौन? […]

सोनभद्र के घने जंगलों के बीच आदिवासी बाहुल्य एक ऐसा गांव जहां मोबाईल में नेटवर्क पहाड़ पर चढ़े बिना नहीं पकड़ता, जहां शाम होते ही लोगों को पहाड़ पर जाने से मना कर दिया जाता था। गांव के लोगों का ऐसा मानना है की शाम के बाद रात में पहाड़ी […]

तुम्हें याद कर के पुकारा करेंगे अब तुम बिन हम ना गुजारा करेंगे तेरी रुसवाईयों से भी मुक्कमल करके जीवन के हर मोड़ पर तुझे इशारा करेंगे रूठकर जीवन में कभी ना तुझसे तेरी यादों से हम ना किनारा करेंगे मेरे जीवन की बेशकीमती दर्पण हो तुम तुम बिन हर […]

क्षत्रियों पर संकट जब आन पड़ी, तब हिन्द ने रुड़की में ऐसा शेर जना। तिहाड़ भी जिसको रोक न सका, अफगानिस्तान भी न कर सका मना।। पृथ्वीराज चौहान की अस्थियों को भी जिसने, मुल्लों के मुल्क से डटकर छीन लिया। चार बांस चौबीस गज से भी बड़े जिगरे वाला, मां […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।