अटल अटल थे अभी अटल है । कल तक जो इस पृथ्वी पर थे । वही अटल आज व्रह्मविलीन हो गये । धरा पर जिसका नाम अटल था । आकाश में जाकर अटल हो गया है । तारो के संग हिल मिल गया है । आज सभी के दिलो में […]

लो बादल ने खोल दी , फिर गठरी की गीठ | कीचड़ कीचड़ हो गई , है गठरी की पीठ | 1| बिजली  देती  धमकियाँ ,  रही  हवाएं  छेड़ | बादल के आंसू गिरे , लपक रहे हैं पेड़ |2 | बादल   आये   देखने ,    पर्वत   जंगल    बाग | दादुर […]

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देश के मैदानी इलाकों में भले ही बरसात का मौसम आफत लेकर आता हो लेकिन ऊँचे पहाड़ों पर यही बरसात कुदरत की खूबसूरत नैमतें लेकर आती है |कुछ अपवादों को छोड़ दिया जाये तो बरसात पहाड़ों को इस तरह सजाती संवारती है की सदैव पहाड़ों पर रहने वाले लोग भी […]

तीन रंग का, तिरंगा प्यारा। लाल किले में लहराया है। भारत के हर बच्चे ने, घर-घर में तिरंगा फहराया है। तिरंगे की जय, जयकार करें। तिरंगा सबको, प्यारा है। घर-घर में, फहराए तिरंगा। संसद में, फहराए तिरंगा। पूरब हो या पश्चिम हो, उत्तर हो-दक्षिण हो, जगह-जगह फहराया है। हिमगिरी की […]

जिन्दगी का झरोखा, जीवन में प्रकाश की किरणें दिखाता है। कभी उजाला कभी, अंधेरा होता है। सुख-दुख भी, उजाले-अंधेरों की तरह आते-जाते हैं। जीवन के संग्राम, को पार लगाते हैं। इन्सान जीवन की, मोह-माया में भटकता रहता है। अपने-पराए में, हमेशा लगा रहता है। तेरा-मेरा के भेद का, भाव करता […]

बेटी तो बस बेटी है, बेटी एक तो शक्ति है। जगत की भी जननी है, बेटी को कमजोर न समझो। जब तक बेटी,बेटी है, लगती सबको छोटी है। सुन्दर प्यारी बच्ची है, दिल की बहुत ही सच्ची है। लक्ष्मी बनकर आती है, जब बेटी पैदा होती है। कन्यादान बेटी का […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।