छोड़ो चूल्हा- चौकी रोटी । आओ, पढ़ाई कर लो बेटी ।। घर का बाद में करना काम। जग में रोशन कर लो नाम।। विदूषी बन महको ज्यों फूल। लो बस्ता जाओ स्कूल।। पढो-लिखो छूलो नभ – चोटी। छोड़ो चूल्हा – चौकी रोटी । आओ, पढ़ाई कर लो बेटी।। नहीं हो […]

जग को निहारने का सौभाग्य मिला, मातृत्व का जब वरदान मिला। ईश्वर जैसा मुझे सहारा मिला, जब माँ की ममता का आसरा मिला। आँचल में छुपकर भूख-प्यास सब मिटी, माँ का जब मुझे दुलार मिला। सबकी बुरी नजरों से मुझे बचाती, माँ से ही मुझे अपनापन मिला। सुकून से सो […]

दिल्ली में महिलाओं पर हो रहे अत्याचार, बढ़ती घटनाओं को देखकर दुखी है दिल्ली सरकार। इन घटनाओं को रोकने एक नया, फार्मूला तैयार कर रही है सरकार। जो शुरु होने वाला है, ‘सम-विषम’ जैसा नियम बनने वाला है। कार्यक्रम कुछ इस तरह बनेगा, एक दिन। दिन में महिलाएं दिल्ली में […]

यह सच है कि जीवन में प्यार होना चाहिए, पर प्यार में चरित्र-संस्कार होना चाहिए। मधुमय वचन सुन मन हो प्रसन्न, हर अदा में मोह-चमत्कार होना चाहिए। खुदा भी खुद को भूल जाए, हाय, सादगी संग सोलह श्रृंगार होना चाहिए। ‘सावन’ प्यार है जीवन का दैवीय उपहार, तन-मन पर प्यार […]

छोड़ो चूल्हा-चौकी रोटी। आओ,पढ़ाई कर लो बेटी॥ घर का बाद में करना काम। जग में रोशन कर लो नाम॥ विदूषी बन महको ज्यों फूल। लो बस्ता,जाओ स्कूल॥ पढ़ो-लिखो,छू लो नभ-चोटी। छोड़ो चूल्हा-चौकी रोटी, आओ,पढ़ाई कर लो बेटी॥ नहीं हो तुम बेटों से कम। शक्ति-स्नेह का हो संगम॥ दम दिखा दो […]

माता-पिता की प्रेरणा से, आज ये मुकाम कड़ी मेहनत-लगन से हासिल हुआ है। माता-पिता ने सच्चाई के रास्ते पर चलना बताया था, वही प्रेरणा वही राह चलकर आगे चला था। रास्ते की हर मुश्किल को संघर्ष करके पार किया था। वही राह वही मेहनत हमारे काम आई, जीवन की यह […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।