कभी चांदी कभी सोना कभी मोती दिखाती है ये दुनिया है हमारी मुफलिसी को आजमाती है। कभी पीली, कभी नीली, कभी काली हुई औरत मगर वो खिलखिलाने का सदा जोखिम उठाती है। रुलाती है ,हंसाती है, बाताती है कई किस्से किताबों की अलग दुनिया सखी सबको लुभाती है। कभी जोङे […]

एक जन्म से विदा होकर मानव माँ की कोख में आता है, माँ की कोख छोड़ फिर दुनिया में कदम रखता है। फिर कहीं आगमन तो कहीं विदाई यही सिलसिला चलता रहता है, माँ का आंचल छोड़ दुनिया का सामना करना पड़ता है। पलक झपकते ही बालपन विदा होकर,किशोरावस्था से […]

चाँद, चाँद में दाग आकर्षण का केन्द्र दे शीतलता। बूंद, पानी की बूंद बूंद-बूंद बचाओ जल अमृत। नभ, सूर्य उदित धरती प्रकाशित नभ का राजा। वसंत, धरा सजी है मधुमय वसंत मस्त पवन।                                   […]

    राही तू चलते चल, टेढ़ी-मेढ़ी  हो डगर रुकना नहीं तू मगर, मंजिल पाना हो अगर। अपना रास्ता खुद चुनना होगा, एक लक्ष्य बनाकर चलना होगा चुनौती को स्वीकार करना होगा, कसौटी पर खरा उतरना होगा अपनी समझदारी दिखानी होगी, मंजिल को आसान बनाना होगा। भूल-भुलैया-सी इन राहों में […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।