कन्या पूजन की बेला आई घर घर मे नवरात्र है भाई भूखे रहकर साधना करेंगे देवी मां को खुश करेंगे दुर्गा सप्तशती रोज़ पढ़ेंगे हर दिन देवी को याद करेंगे कन्या प्रतिरूप है देवी का कन्या पूजन,पूजन देवी का भक्तों की कतार बड़ी है फिर भी कन्या संकट घड़ी है […]

हिम्मत हार मत बंदे, किस्मत रंग लाएगी। रुलाया है यदि तुझको, तो एक दिन हंसाएगी । मिलेगा फल तुझे मीठा, रख ले सब्र तू थोड़ा। अपनाएंगे वो तुझको, जिन्होंने आज है छोड़ा। कमर तू कस ले आे यारा, अब कुछ कर दिखाना है, ना दे साथ यदि कोई , अकेले […]

जिसको नहीं होती काम की चाहत उसको लगता काम है भारी आफत। कल पर जो टाले आज का काम, करते नहीं कोई काज ,खूब करते आराम। बहाना हर बार बिगाड़ता काम कोई नया। बहानेबाज को आज तक समझ ना आया। जिसने किए बहाने हजार उस पर रहता काल सवार। स्वरचित […]

न बोल सकता हूँ न सुन सकता हूँ हाँ देख सकता हूँ परन्तु कह नहीं सकता। कुछ करने का तो। प्रश्न उठता ही नहीं। क्योंकि ये भारत है। जहाँ एकतरफ चलता है। चाहे टेलीविजन हो या रेडियो हो या समाचार पत्र हो। सभी एक तरफ ही दौड़ाते है। पर किसी […]

प्रेम में है जीवन की हर खुशियाँ यहाँ , प्रेम में है जीवन की हर दुनियाँ यहाँ , प्रेम में है जीवन की हर रुसवाईयाँ , प्रेम में है जीवन की हर रंगरेलियाँ , प्रेम में है जीवन की परिकल्पना , प्रेम में शामिल है हर आत्मा , प्रेम में […]

सावन की छाई है घटा घनघोर,जाने कहाँ पर बरसे! अ बदरी! तू बरसे वहां, जहाँ पिया मिलन को तरसे!! तन मन उसका झुलस रहा है,तप्त हवा के झोकों से! शीतल समीर तलाश रहा,वो आसपास के झरोखों से!! प्रेमी मन तो होता बावरा, चित कहीं भी ना लग पाए! हरी भरी […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।