दोहा👇 धरा धर्म हित कर्म कर,जीवन मनुज सुधार। संरक्षण भू का किए, भव जीवन आधार।। चौपाई👇 प्रथम नमन करता हे गजमुख। वीणापाणी शारद मम सुख।। गुरु पद कमल नमन गौरीसा। आज लिखूँ धरती चालीसा।।१ नमन धरा हित कोटि हमारा। जिस पर गुजरे जीवन सारा।। मात समान धरा आचरनी। धरा हेतु […]

भारत मेरा हो सदा, उन्नत भानु समान। मेरा सत संकल्प है, अमर तिरंगा शान।। . 🌞🌞🌞🌞 देश प्रेम सद् भावना, दुनिया में मशहूर। है पर्वत से हम अचल, प्रेम त्याग भरपूर।। . 🌞🌞🌞🌞 रखूँ तिरंगा सर्वदा, दुनिया में सिरमौर। मान तिरंगे का रहे, रखूँ नही हित और।। . 🌞🌞🌞🌞 भारत […]

सुन्दर दोहा लीजिए, सुन्दर भाव बनाय। तेरह ग्यारह मात्रिका, चरणों वार लगाय। चरणों वार लगाय, चरण अंतिम दोहे का। रोला छन्द बनाय, चरण पहला रोले का। पहला दोहा शब्द, अंत रोले के अन्दर। भरें भाव भरपूर, बने कुण्डलिया सुन्दर। . …..बाबू लाल शर्मा प्रथम दो पंक्ति दोहा (१३,११ ) दोहे […]

पास बैठो और सुनो बस एक खनकता गीत मेरा।। जीवन समर बहुत है मुश्किल, बाधाओं की हाट लगी है। दुनिया रंग बिरंगी लेकिन, होती देखी नहीं सगी है। इसीलिए गाता अफसाने, रूठ गया क्यों मीत मेरा। एक खनकता गीत मेरा।। मैं तो सच्चे मन का सेवक, खूब समझता पीर पराई। […]

भारत देश स्वतंत्र, चमन है प्रजातंत्र। है सबका अरमान, तिरंगा हाथ रहे। चौकस है सैन्य सखे,सरहदी मान रखे। करे शत्रु का दलन, तिरंगा साथ रहे। शासक वर्ग सचेत, हौंसले शत्रुविजेत। जनतंत्री संविधान, तिरंगा नाथ रहे। देश हित काज सरे, शहीदी नाज करे। चाहत है ! कफन में, तिरंगा माथ रहे। […]

कश्मीर अमानत है भारत की, कली,धरा मय घाटी के। फौजी की तो शान तिरंगा, कायल इस परिपाटी के। कितने ही हम पूत गवाँ दे, हिम्मत कभी न छोड़ेंगे। इंच इंच भू ले लेंगे हम, हिन्दुस्तानी माटी के। सब अपराध याद हैं हमको, पाक,चीन अपघाती के। भूले नहीं हैं श्वेत कबूतर, […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

आपका जन्म 29 अप्रैल 1989 को सेंधवा, मध्यप्रदेश में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर हुआ। आपका पैतृक घर धार जिले की कुक्षी तहसील में है। आप कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। आपने अब तक 8 से अधिक पुस्तकों का लेखन किया है, जिसमें से 2 पुस्तकें पत्रकारिता के विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध हैं। मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष व मातृभाषा डॉट कॉम, साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 21 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण उन्हें वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं और ख़बर हलचल न्यूज़ के संस्थापक व प्रधान संपादक हैं। हॉल ही में साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन संस्कृति परिषद्, संस्कृति विभाग द्वारा डॉ. अर्पण जैन 'अविचल' को वर्ष 2020 के लिए फ़ेसबुक/ब्लॉग/नेट (पेज) हेतु अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से अलंकृत किया गया है।