हमें इस संसार में लाने वाली माँ क्या अपने बच्चों का कभी भी बुरा सोच सकती है क्या / परन्तु हम सब के जीवन में कभी कभी इस तरह के हालात पैदा हो जाते है की हमें उस समय निर्णय करना बहुत ही भरी पड़ जाता है / और हम […]

‘स्वच्छता ही सेवा ‘ विशेषांक  गोपाल कौशल की कविताओं एवं बच्चों द्धारा रेखांकन व् कविताओं से भरा सुन्दर गुलदस्ता है | जिसमे स्वच्छता के मायने क्या होते है को बेहतर तरीके से बताया है ताकि अन्य भी इस पत्रिका से प्रेरणा लेकर स्वच्छता ही सेवा के भाव में सम्मिलित हो के […]

 आज कल एक नई फैशन और नई सोच समाज में तेजी से बढ़ रही है ।जहां शिक्षित वर्ग इसका अनुसरण करते नजर आ रहे हैं, वहीं पुरातन वादी सोच के व्यक्ति इसका विरोध भी कर रहे हैं। क्या आप सभी में से किसी ने कभी सोचा है कि हम साथ […]

फर्ज करिए कि एक ऐसी प्रयोगशाला बना ली जाए जो हवा में तैरते हुए शब्दों को पकड़कर एक कंटेनर में बंद कर दे, फिर भौतिकशास्त्रीय विधि से  उसका घनत्वीकरण कर ठोस पदार्थ में बदल दिया जाए तो उसका स्वरूप और उसकी ताकत क्या होगी? सृष्टि का ये नियम है कि […]

आज कल हमारे समाज में पश्चिमी सभ्यता का बहुत बड़ा बोला बाला है / जिसके कारण हमारी संस्कृति और संस्कारो का तो एक दम से समपट सुआहा हो रहा है / हर चीज एक तरफ ही चल रही है / आप हमें दो, परन्तु वो ही आप हम से मत […]

बापू राष्ट्रपिता तो अटल राष्ट्रनेता हैं कहने में कोई अतिश्योक्त‍ि नहीं हैं बल्क‍ि यथेष्ठ और गौरव की अनुभूति है। वास्त‍‍वि‍कता में यही यथार्थ व मौलिकता है लिहाजा, युगो-युगि‍न तप, कर्म, त्याग और बलिदान से महात्मा गांधी जैसे राष्ट्रपिता और अटल बिहारी वाजपेयी जैसे राष्ट्रनेता के दीदार देश को होते है। हम खुशनसीब हैं […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।