अनमोल बड़ा है ये बंधन, पावन रिश्ता रक्षाबंधन। उमड़-उमड़ के मन है जाता, जब-जब रक्षाबंधन आता। मन नेह दीप तब जल उठते, यादों में तेरी जब घिरते। भाई के मस्तक का चन्दन… पावन रिश्ता रक्षाबंधन…….ll माना हम खूब लड़ा करते, आंखों से भी मोती झरते। पल में यूँ रूठ […]

     रक्षाबंधन पर्व मुबारक हो भ्राता तुमको॥ भातृ-भगिनी का प्रेम पगा रिश्ता जग से न्यारा॥ थाली में सजी रोली अक्षत राखी मधु मिठाई॥ आशीष यही मस्तक पर रोली सजे हमेशा॥ रक्षा तुम्हारी सदा करे ये डोरी यही कामना॥ नभ से ऊँचा सिंधु से गहरा ये बंधन होगा॥       […]

जागता ही रहा चाँदनी के लिए, रातभर चाँद घन में छुपा ही रहा…। भावनारण्य में मन भरमता रहा, भाव जाने न कितने तिरोहित हुए। बादलों ने बदल आचरण निज दिए, और छद्मोन्मेषी पुरोहित हुए। दे गया भ्रम पुनः कर गया विभ्रमित, चित्त फिर भी न विचलित हुआ,सब सहा…….। आज अवकाश […]

साँवरे बदरा बरसन लागे, प्रेम की बतियाँ करनन लागे। पुलक-पुलक देखो नाच रही वसुधा, मनवा से उड़ गई आतप की क्षुधा, धानी चुनरिया ओढ़ावन लागे साँवरे बदरा बरसन लागे। दादुर मोर पपीहा मिल बोले, दिलवा के भेद अबै सब खोले कोयलिया काली कुहुकन लागे, साँवरे बदरा बरसन लागे। ठुमक-ठुमक के पवन […]

विधा-पञ्चचामर छंद भजो सदा अनादि नाम शक्ति रूप वन्दना। हरो त्रिलोकनाथ क्लेश कष्ट दुःख क्रंदनाll वृषांक देह नीलकण्ठ शुभ्रता उपासना। सदा करो कृपा प्रभो करूँ अनंत अर्चनाll त्रिशूल हाथ रुद्रदेव उग्र रूप क्यों धरे। नमो नमामि शक्तिनाथ वंदना सदा करेंll बिसारि भूल भक्त देव पाप ताप हो हरें। अनंत रौद्र […]

आज अपना वतन ही बेगाना हुआ, हक़ की खातिर लड़े तो हर्जाना हुआ। नाक नीचे से मुजरिम गुज़र चल गया, घर निरपराध का ही निशाना हुआ। पाक सदियों से जो था सदन अब तलक, आज पाखंडियों का ठिकाना हुआ। मेरे व्रण पर लवण नित छिड़कते रहे, उफ़ ज़रा कर दिया […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।