भारत के सभी हिंदी सवियों, हिंदी सेवी संस्थाओं विश्वविद्यालयों को एकजुट होकर हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाने के लिए आंदोलन करने की आवश्यकता है। यह बात डॉ. बी.आर. अम्बेडकर सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय की माननीय कुलपति प्रो आशा शुक्ला ने रविवार 4 अप्रैल को मॉरीशस स्थित विश्व हिंदी सचिवालय, महू, इंदौर स्थिति […]

नई दिल्ली। विश्व हिन्दू परिषद ने मंदिरों को सरकारी अधिग्रहण तथा अवैध धर्मांतरण से मुक्ति के भारतीय जनता पार्टी के तमिलनाडू चुनाव संकल्प पत्र का स्वागत करते हुए आज मांग की है कि देश-भर के सभी मंदिरों को इस विभीषिका से मुक्त कराया जाए। विश्व हिन्दू परिषद के केन्द्रीय महा-मंत्री […]

✒️ लेखक नव कांत की पुस्तक “क़लम हूँ मैं ” ने सुर्खियाँ बटोरी। ✒युवा लेखक व चित्रकार नव कांत द्वारा रचित काव्य संग्रह ” क़लम हूँ मैं ” समाज के रु-ब-रु आ चुकी है। “क़लम हूँ मैं ” पुस्तक का विमोचन समारोह में ओपी जिन्दल मॉडर्न स्कूल, हिसार के प्रिंसिपल […]

इंदौर । हिन्दी भाषा को राष्ट्रभाषा बनाने के लिए कार्यरत संस्था ‘मातृभाषा उन्नयन संस्थान’ के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ की अनुशंसा पर संस्थान के राष्ट्रीय सचिव गणतंत्र ओजस्वी ने हुबली, कर्नाटक के सुप्रसिद्ध पत्रकार एवं हिन्दीसेवी मुकेश बी. तांतेड़ को कर्नाटक प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है। श्री तांतेड़ […]

विश्व थिएटर दिवस और होली के उपलक्ष्य में संस्कार मंच और ग्रीन लिटरेचर साहित्यिक मंच की ओर से काव्य गोष्ठी और रंग-संगीत कार्यक्रम कवयित्री अनीता जैन के निवास पर आयोजित हुआ। इसमें वैश्य कॉलेज रोहतक के वाइस प्रिंसिपल और ज्योग्राफी विभागाध्यक्ष एवं संगीत के ज्ञाता डॉ संजय गुप्ता ने बतौर […]

खड़गपुर | राजधानी एक्सप्रेस को घंटों बंधक बनाए रखने की कभी न भूलने वाले कांड में एनआईए ने छत्रधर महतो को गिरफ्तार क्या किया , घने जंगल में बीती उस भयावह ठंडी रात की पूरी घटना मेरे आंखों के सामने एक बार फिर फ्लैश बैक की तरह नाचने लगी । […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

आपका जन्म 29 अप्रैल 1989 को सेंधवा, मध्यप्रदेश में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर हुआ। आपका पैतृक घर धार जिले की कुक्षी तहसील में है। आप कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। आपने अब तक 8 से अधिक पुस्तकों का लेखन किया है, जिसमें से 2 पुस्तकें पत्रकारिता के विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध हैं। मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष व मातृभाषा डॉट कॉम, साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 21 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण उन्हें वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं और ख़बर हलचल न्यूज़ के संस्थापक व प्रधान संपादक हैं। हॉल ही में साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन संस्कृति परिषद्, संस्कृति विभाग द्वारा डॉ. अर्पण जैन 'अविचल' को वर्ष 2020 के लिए फ़ेसबुक/ब्लॉग/नेट (पेज) हेतु अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से अलंकृत किया गया है।