कुछ लोगो  के  शांत  चेहरे पर मक्कारी छिपी है। आईने को गुमराह करने की भी अय्यारी छिपी है।। गुमान है इन्हें आसमान में उड़ने का कुछ ऐसे, जिस घोसले ने आसरा दिया इन्हें जीवन भर, उस घोंसले का अस्तित्व ही झुठलाने लगे है। माना कि ऊँचाई पर उड़ने का अपना […]

वैश्वीकरण के इस दौर में सांस्कृतिक अन्तःक्रिया और समंजन की प्रकिया में एक त्वरा परिलक्षित हो रही है। संस्कृति के महत्तम-अवयव के रूप में साहित्य भी इससे असंपृक्त नहीं है। इस संदर्भ में दृष्टव्य है कि भारतीय-भाषाओँ में जहाँ पहले सिर्फ अंग्रेजी-काव्य का व्यापक प्रभाव था, वहीं आज जापानी-काव्य-विधाओं ने […]

पाकिस्तान के विदेश मंत्री श्री शाह महमूद कुरैशी ने जिस तरह से गुरुद्वारा करतारपुर साहिब गलियारे के उद्घाटन समारोह में भारतीय मंत्रियों के शामिल होने को ‘करतारपुर गुगली’ बताया वह हमारी आस्था का उपहास तो है ही साथ में इससे पता चलता है कि वर्तमान में वहां किस कदर ऊंचे […]

उन्हें दूर के ढोल सुहावने लगे जो अपने थे वे पराये लगे दूर की चकाचोंध मे वे खोये रहे देह अभिमान मे इतराये रहे जमीन को छोड़ कर उनका उड़ना यथार्थ को नजरअंदाज करना उन्हें विकारमय बनाता रहा स्वयं से ही दूर भगाता रहा काश!वे अंतरात्मा को जान लेते कम […]

आज का विषय बहुत ही संवेदनशील है / जिसकी आज हर परिवारों को बहुत ही जरूरत है / की आप कैसे सच्चे और अच्छे माता पिता बने/ जिससे आपके परिवार का वातावरण आपके घर के अनुकूल रहे / पुत्र नाटक में जाए, सिनेमा में जाए, गलत रास्ते पर चल पडे,भक्ष्य-अभक्ष्य […]

तुम्हारी याद जो आई तो मैं पैगाम लिखता हूँ मिटाकर के हथेली से पुनः तेरा नाम लिखता हूँ सदा खोया रहा तुम में चैन से सो नही पाया जो आई याद तेरी तो सनम मैं रो नहीं पाया वजह बस एक ही तो थी तुम्हारी आबरू की जाँ तभी तेरे […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।