शुक्रिया ए बीते वर्ष! कैसे भूलूँ कि तेरी ही बुनियाद पर खड़ी है मेरे इस नव वर्ष की इमारत। तेरे ही ककहरे ने लिख दी है मेरे जीवन की इक नई इबारत। वादा दिया नया इरादा दिया तेरे नाम के आगाज़ के साथ ही  सुंदर सा अंजाम भी दिया। तेरे […]

नई उमंगें और तरंगे, लेकर आई जनवरी , नहीं होगा कोई सिकवा, और न कोई गम / प्यारी प्यारी यादो को, याद कराती ये फरवरी, जितना चाहो प्यार करो तुम, इस महीने में लोगो // इसके बाद आ रही लेकर, टेंशन बच्चो को, जिसको कहते है हम, मार्च लोगो / […]

*मेरा* भारत हो सदा,विकसित अरु गतिमान। *राष्ट्र* भक्ति  की  भावना, संविधान  सम्मान।। .                    *भारत* अपना हो सदा, दुनिया में  सिरमौर। *रखें* मान की आन को,मिल के खाएँ कौर।। .                    *तहजीबें*  ऊँची  सदा,  सत्य  अहिंसा  राह। *मजहब* समरस हैं तभी,ईश्वर अरु अल्लाह।। .                    *हाल* सभी के हों भले ,रखलें सत अभिमान। […]

     सभ्यता समाज के सकारात्मक प्रगतिशील और समावेशी विकास को इंगित करने के लिए किया जाता है। सभ्यता के अंतर्गत उन्नत कृषि लम्बी दूरी का व्यापार नगरीकरण आदि की उन्नत स्थिति दर्शाता है।सभ्यता कुछ माध्यमिक तत्वों यथा विकसित यातायात व्यवस्था लेखन मापन के मानक विधि व्यवस्था कला की प्रसिद्ध […]

कोलकाता | ‘अपनी भाषा’ संस्था ने अपना अठारहवाँ स्थापना दिवस समारोह मनाते हुए भारतीय भाषा परिषद सभागार में ‘बौद्धिक समाज और भाषिक उदासीनता’ विषय पर एक राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया. विशिष्ट अतिथि डॉ. वेदप्रताप वैदिक ने कहा कि ‘अपनी भाषा’ वह मशाल जला रही है जो भारतीय भाषाओं को […]

आज भी लुट रहा है, चीर नारी का। नारी, हर किसी पर है भारी। लेकिन न जाने क्यों हो रही है उसके साथ घटना दिन प्रतिदिन। कहते भी है कि “यत्र नार्यस्तु पूज्यंते रमंते तत्र देवता” , फिर भी कर रहे हैं, छल,कपट,अत्याचार नारी के साथ, हम और आप मिलकर। […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।