पुस्तक समीक्षा……… कविता अपने ख़्यालात, अपने जज़्बात को पेश करने का एक बेहद ख़ूबसूरत ज़रिया है. प्राचीनकाल में कविता में छंद और अलंकारों को बहुत ज़रूरी माना जाता था, लेकिन आधुनिक काल में कविताएं छंद और अलंकारों से आज़ाद हो गईं. कविताओं में छंदों और अलंकारों की अनिवार्यता ख़त्म हो गई और नई कविता का दौर शुरू हुआ. दरअसल, […]

पूछिए मत क्या बवाल मचा रखा है जाने उसने ज़बाँ पे क्या छुपा रखा है इस माहौल में ख़ामोश रहना अच्छा बहस को जाने क्या मुद्दआ उठा रखा है तमाम उम्र जिस मुल्क से प्यार किया फ़िक्र है मुझे अजनबियों ने डरा रखा है आसार नहीं कोई दिखता सुधरने का […]

मस्ताना मैं चलता जाता, गिरता और सम्भलता जाता। ठोकर खा मिट्टी में आया, धूल में सोया आज मैं। कुछ नहीं! मदिरा तेरा यह बहुत अनोखा प्यार है। मदिरा पीकर मैं भी मदिरा, मदिरा यह संसार है, आँखों से न अश्रु बहे, अब मदिरा की यह धार है। मस्ताना मैं; मस्तानी […]

समय केवल जाता है वापस कभी आता नही जो समय व्यर्थ गंवा दे उसके हाथ कुछ आता नही समय की अहमियत जो समझे सफलता वही पाता है समय जिसकी मुठ्ठी मे महावीर वह कहलाता है परमात्मा भी उसे प्यार करते देव स्वरूप  हो जाता है। #गोपाल नारसन परिचय: गोपाल नारसन की […]

आज कल आये दिन लड़कियों के साथ हुई दुर्घटनाओं के बारे में सुनने को मिलता रहता है| कोई घटना होती है तो हर जगह उसकी निंदा करने वाले मिल जाते हैं| कोई कैंडिल मार्च निकालता है, कोई जुलूस तो कोई सड़कों पर जाम लगाता है| क्या इन सबसे पीडिता को […]

  कभी सुहानी भोर हो तुम,तो कभी इस थरथराती ठंड में सूरज की किरणों का मेरे देह से स्पर्श कर मेरे अंतर्मन को पहुँचने वाला सुकूँ हो तुम,,,कभी सुरमयी शाम हो तुम,,,तो कभी इन नयनों को शीतलता पहुँचाता वो सागर तट के ओट में छिपा चाँद हो तुम,,,जिसे हृदय बार-बार […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।