*माँ*

Read Time0Seconds

krishn

मातृ दिवस पर सभी माँओं के चरणों में समर्पित……..

माँ ही प्रथम पाठशाला है।
माँ ने दुःख सहकर पाला है।।

माँ संसार की अनुपम कृति है।
माँ प्यार भरी संस्कृति है।।

माँ नूर नहीं कोहिनूर है।
माँ प्रेम से भरपूर है।।

माँ खुदा का दूजा रूप है।
मां प्यार भरा एक कूप है

माँ ममता का एक सागर है।
माँ भक्ति का एक गागर है।

माँ के बिन सृष्टि अधूरी है।
माँ से सब इच्छा पूरी है।

माँ तन-मन और है सारा।
माँ पर जीवन ही अर्पण सारा।।

मां बच्चों की प्यास है।
माँ से सबको ही आस है।

माँ घुंघरू की झंकार है।
माँ वीणा की झंकार है।।

मां बंशी की मीठी तान है।
मां गुरुदेव का ज्ञान है।।

मां ईश्वर का वरदान है।
मां आन,बान और शान है।।

माँ फूलों का मकरंद है।
मां गीत,गजल और छंद है।।

मां जग की प्रेम कहानी है।
मां के बिन दुनिया वीरानी है।।

माँ की महिमा का अंत नहीं।
माँ उजड़ा हुआ बसंत नहीं।।

माँ मीरा जैसी भक्ति है।
मां दुर्गा जैसी शक्ति है।।

माँ गीता और कुरान है।
माँ वेद और पुराण है।।

मां गंगा का ही रूप है।
माँ सृष्टि का ही स्वरुप है।।

#कृष्ण कुमार सैनी”राज”,
दौसा,राजस्थान 
0 0

Arpan Jain

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

मेरी मां.......

Fri May 11 , 2018
एक से एक नया रिश्ता मेरे जीवन में आ जाएगा,, लेकिन मेरी मां की तरह, कोई प्यार कहां कर पाएगा, सपनो की वेदी पर मैने, खुद को बलि चढ़ाया है,, चदं पैसो की चाहत ने, मां का दामन छुड़वाया है,, मोह माया के चक्कर में, लगे समय व्यर्थ ही जाएगा,, […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।