प्यार के रिश्ते निभाने हैं

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ranjana
ज़माने में सभी से प्यार के रिश्ते निभाने हैं।
करें नफ़रत जो वो दस्तूर तो सारे पुराने हैंll

बहुत ही खूबसूरत है हमारे देश की धरती,
अभी भी इस जमीं पर सैकड़ों मंज़र सुहाने हैंll

हमेशा इश्क़ औरत मर्द का ही तो नहीं किस्सा,
वतन के प्यार में हमको दिलो-जाँ अब लुटाने हैंll

लगाते आग दहशतगर्द हैं अब आशियानों में,
हमें आतिश के शोलों से सुलगते घर बचाने हैंll

खड़ी हों मुश्किलें,कुछ लोग हैं अच्छा समझते ये,
हमें इन मुश्किलों के बीच से रस्ते बनाने हैंll

फ़क़त माँ-बाप,रिश्तेदार ही होते नहीं अपने,
हमें इस देश की मिट्टी के भी कर्जे चुकाने हैंll

ये हिंदुस्तान है प्यारे,यहाँ के लोग हैं हिंदी,
वतन की वंदना में जो लिखे मीठे तराने हैंll

                                                       #डॉ. रंजना वर्मा

परिचय : डॉ. रंजना वर्मा का जन्म १५  जनवरी १९५२ का है और आप फैज़ाबाद(उ.प्र.) के मुगलपुरा(हैदरगंज वार्ड) की मूल निवासी हैंl आप वर्तमान में  पूना के हिन्जेवाड़ी स्थित मरुंजी विलेज( महाराष्ट्र)में आसीन हैंl आप लेखन में नवगीत अधिक रचती हैंl 

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।