खता हुई ही होगी मुझसे

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devendr soni
अट्ठावन में आते-आते
लगने लगा है,
समा गए हैं मुझमें
बाबूजी मेरे।

हो गई है वही चाल-ढाल
झुक गए हैं कंधे, और,
स्वभाव में आने लगी है नरमी
हाँ,संतोष और असंतोष के बीच
बना रहता है द्वंद जरूर,
उपजा है जो मानसिक थकान
और बेवजह की निराशा से।

करता हूँ महसूस खुद में उनको
जब आती है खांसी या,
घेरने लगती है तकलीफें वही
जो सहते थे वे अक्सर,
और जिन्हें बताने से कतराते थे
उम्र के अंतिम पड़ाव पर।

खता हुई ही होगी
निश्चित ही मुझसे भी,
बरतने की कोताही
किया ही होगा मैंने भी,
जाने-अनजाने नजरअंदाज उन्हें।

लगता है अब यह सब हरदम ही
क्योंकि,होते हैं वे महसूस मुझे,
मेरे अंदर ही।

उम्र का यह अंतिम पड़ाव
सिखाता और याद दिलाता है,
बहुत कुछ स्मृति से उनकी।

होती ही है सबसे जिंदगी में
खता भी और रह ही जाती है,
कोई न कोई कसर भी सेवा में।

करें याद इन्हें और
दें वह शिक्षा बच्चों को अपने,
जिससे न हो कोई गलती
देख-रेख में बुजुर्गों की।

मिलेगा इसी से वह आत्म सुख,
जिसकी दरकार है सबको।
                                                  #देवेन्द्र सोनी

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।