अट्टहास

usha pathak
सभ्यते नियति-अभिशप्त
ग्रीष्म परितप्त,
अर्द्घ-नग्न पर्वत को
सुनहली मदिरा पिलाकर,
आलिंगन में बाँधकर
दिगम्बर क्यों बनाती हो?
उसके शुष्क श्यामल व्यथित पल-पल
गगन में लहराते कुन्तलों को,
कुल्हाड़ियों से काट-काटकर
क्यों अपने को सजाती हो?
उसके हृदय के ज़़ज़्बाती शोणित को
क्यों अपने पांवों का महावर बनाती हो?
अपने उच्छिष्ट शुष्क तथा
दंशित अधरों को,
सुगन्धित तरुओं के खून से
क्यों अरुणिम करती हो?
धरणीधर के अस्ति्त्व को
यों ही काटती और चबाती रहोगी,
तो रहेगी न धरती न आकाश
आग से भरा हुआ समुद्र
करेगा क्रूर अट्टहास॥

             #डॉ उषा कनक पाठक

परिचय : डॉ उषा कनक पाठक की जन्म तिथि १० मार्च १९६३ और जन्म स्थान मिर्ज़ापुर है। आपका निवास उत्तर प्रदेश राज्य के शहर मिर्ज़ापुर में ही है। शिक्षा में आपने ४ विषयों में एम.ए.(हिन्दी,अंग्रेजी, संस्कृत और इतिहास) पी.एच-डी.(संस्कृत) की है। सामाजिक क्षेत्र में सेवा कार्यों के लिए आप कुछ सामाजिक संस्थाओं से भी जुड़ी हुई हैं।विधा गद्य एवं पद्य है। प्रकाशन में-तुलसी तेरे आंगन की, त्रिवेणी और अंजुरीभर आदि हैं, कुछ पत्र-पत्रिकाओं में निबन्ध एवं कविता प्रकाशित हैं। सम्मान के रुप में हिन्दीसेवी सम्मान मिला है। आपके लेखन का उद्देश्य स्वयं का सुख है।

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संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।