मां

Read Time0Seconds
 vaikunth
तेरे ज्योतिर्मय शतदल पर,
         करतल बीन बजाती है माँ।
तेरी जीवन देव धुनी में,
        सारे उर पत्थर बह जाते।
कठिन कुलिश जगती के जितने,
    कोमल संजीवन बन जाते॥
मन में उर्मि जगाती आती,
      उन सुकुमार स्वरों की धारा।
तेरा गुरु उर तिमिर चीरता ,
  रवि ज्यों प्राक पटल की कारा॥
गुरुवर तेरे वर्ण वर्ण पर,
      मृदु गुंजित पद आती है माँ।
तेरे ज्योतिर्मय शतदल पर,
   करतल बीन बजाती है माँ॥
जब-जब तुम्हें समझने आता,
  मैं केवल सुनता रह जाता।
उर में उसके अनुगुंजन की,
     अनुपमता गुनता रह जाता॥
स्वरित सुधा धारा में ज्यागृत,
    जीवन का प्रतिमान हो रहा।
अरे गुणी ! गूँगे  के गुड़-सा,
    तेरे गुण का भान हो रहा॥
तेरे मञ्जुल ज्ञान पुँज से,
    मधु मकरन्द लुटाती है माँ।
तेरे ज्योतिर्मय शत दल पर,
     करतल बीन बजाती है माँ॥

                                                          #वैकुन्ठ नाथ गुप्त ‘अरविन्द’

परिचय : वैकुन्ठ नाथ गुप्त ‘अरविन्द’ टेलियागढ़ (जिला-फैजाबाद(उप्र) में रहते हैं।आप काफी समय से काव्य रचना में लीन हैं।

0 0

matruadmin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

समय ...

Thu Sep 7 , 2017
शहर के नामी अस्पताल के, वीआईपी कमरे के बेड पर, अनेक आधुनिक मशीनों  से, घिरा मैं घड़ी  की सुईयों  को, ताकता हुआ गिन  रहा  हूँ, अपने  जीवन  के अंतिम  पल, टिक-टिक  की  आवाज… साफ  गूँज  रही  है, मेरे  कानों  में डाक्टर-नर्स  भी, दवा  देकर थककर जा चुके हैं मुझे, शायद […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।