मुद्दत से…

Read Time3Seconds

lalit sinh

काम जिनको घर में तमाम होगें,

उनके लिए खास कहाँ हम होगेंl

बीते हैं जिनके दिन बड़ी मुद्दत से,
उनके लिए त्यौहार क्या कम होगेंl

बड़ी शिद्दत से सजाया होगा घर को,
उन्हें क्या मालूम मेहमान हम होंगेl

चल दिया है राह में मिलने को उनसे,
अब न मालूम कितने दिन कम होंगे l

देखकर मुझको वो शर्मा न जाएं,
इसलिए ‘ललित’ सबसे पीछे हम होंगेl

                                                                                             #ललित सिंह

परिचय :ललित सिंह रायबरेली (उत्तरप्रदेश) में रहते हैं l आप वर्तमान में बीएससी में पढ़ने के साथ ही लेखन भी कर रहे हैंl  आपको श्रृंगार विधा में लिखना अधिक पसंद है l स्थानीय पत्रिकाओं में आपकी कुछ रचना छपी है l 

0 0

matruadmin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

जीवन का क्या भरोसा

Thu Jul 27 , 2017
चंद दिनों का ये जीवन है,खुद पर इतना गुरुर न कर, बैर भाव न रख तू मन में,खुद को सबसे दूर न कर ll जग में खाली हाथ तू आया,खाली हाथ ही जाएगा, न कुछ तेरा न कुछ मेरा,यहीं  सब कुछ रह जाएगा l मीठे-मीठे बोल से तेरे,दिल सबका खुश […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।