पलकों में मीठा स्वप्न पले

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nilam
चलो सजन कहीं दूर चलें,
पलकों में मीठा स्वप्न पले
मन-मयूर हर्षित हो जाए,
कोयल मीठा गीत सुनाए।
नील गगन की छाँव तले,
पलकों में मीठा स्वप्न पले।
धरा-गगन मिल जाते हों,
सब राग प्रेम का गाते हों।
अधरों पर केवल मुस्कान खिले,
पलकों में मीठा स्वप्न पले।
राग-द्वेष का नाद न हो,
आतंक की काली रात न हो।
मानव-मानव को नहीं छले,
पलकों में मीठा स्वप्न पले।
                                                                                                           #नीलम सिंह
परिचय : नीलम सिंह की जन्मतिथि-८ फरवरी है। अध्ययन,लेखन,भ्रमण     और संगीत श्रवण में आपकी रुचि है। लेखन विधा में लधुकथा,गीत,ग़ज़ल, मुक्तक तथा कविता आदि में सक्रिय हैं। आपके लेखन कार्य को कई दैनिक समाचार पत्रों और पत्रिकाओं ने भी लगातार स्थान दिया है। श्रीमती नीलमसिंह तोमर को सम्मान के रुप में महाराज कृष्ण जैन स्मृति सम्मान २०१७ सहित शुभतारिका द्वारा श्रेष्ठलघुकथा पुरस्कार दिए गए हैं। उत्तर प्रदेश के शाहजहाँपुर स्थित तीन खम्बा गली में आपका निवास है।
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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।