कविता- आलिंगन

0 0
Read Time1 Minute, 41 Second

जहाँ दिल एक दूसरे से जुड़ते हैं,
ऐसा शुद्ध प्रेम, जो तुम्हारा और मेरा है।
आत्माओं के भीतर, एक पवित्र ज्योति,
प्रेम का मधुर नाम प्रज्वलित करती है।

प्यार, सपनों की गलीचा,
हम बुनते हैं, हर पल में,
उसकी खूबसूरती को महसूस करते हैं।
एक अंतहीन नृत्य,
एक सुरीली धुन,
दो दिलों को एक करती है जहाँ वे होने चाहिए।
उतार-चढ़ाव के बीच भी,
यह बना रहता है,
प्रेम का कोमल स्पर्श,
गर्मियों की बारिश की तरह।
फुसफुसाए गए शब्दों और…
कोमल निगाहों के जरिए,
आत्माएँ प्रेम की गोद में सुकून पाती हैं।
प्रेम कोई सीमा नहीं जानता,
कोई सांसारिक स्थान नहीं जानता,
यह समय से परे है,
कोई निशान नहीं छोड़ता।
इसकी शरण में, हम अभयारण्य पाते हैं,
आनंद का एक आश्रय, शाश्वत और मुक्त।
कठिनाइयों का सामना करते हुए भी,
प्रेम की शक्ति बनी रहती है,
आशा की किरण, दृढ़ और शुद्ध।
यह घावों को भरता है,
हर निशान को भरता है,
हमें घर तक पहुँचाता है,
चाहे हम कितने भी दूर क्यों न हों।

तो आइए हम अपने दिलों को
आपस में जोड़ लें,
दिव्य प्रेम की रोशनी में।
एक दूसरे में,
हम सच्चा अनुग्रह पाते हैं,
इस अंतरंग आलिंगन में।

#सतीश जोशी, इन्दौर

matruadmin

Next Post

कर्मचारी राज्य बीमा निगम कार्यालय में कवि सम्मेलन का आयोजन

Mon Sep 30 , 2024
एक घर बनाने की मशक्कत जानता हूँ- सुनील कुमार इन्दौर। कर्मचारी राज्य बीमा निगम श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के नंदा नगर स्थित क्षेत्रीय कार्यालय में हिंदी पखवाड़ा समापन समारोह के अवसर पर भव्य कवि सम्मेलन एवं पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन हुआ। इस अवसर पर निगम के क्षेत्रीय निदेशक डॉ […]

नया नया

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।