मातृभाषा ने राज्यपाल श्री पटेल को किया आमंत्रित, हिन्दी गौरव अलंकरण समारोह फरवरी में

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इन्दौर। मध्य प्रदेश के यशस्वी राज्यपाल माननीय मंगुभाई पटेल जी से राजभवन भोपाल में मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अर्पण जैन अविचल ने भेंट कर उन्हें फ़रवरी माह में आयोजित होने वाले हिन्दी गौरव अलंकरण समारोह में पधारने के लिए आमंत्रित किया।
इस अवसर पर राज्यपाल जी को डॉ. अर्पण जैन की पुस्तक ‘पत्रकारिता और अपेक्षाएँ’ भी भेंट की गई। संस्थान से शरद ओस्तवाल व अपेक्षित साथ रहे।

क्या है ‘हिन्दी गौरव अलंकरण’

ज्ञात हो कि मातृभाषा उन्नयन संस्थान का प्रतिष्ठा प्रसंग हिन्दी गौरव अलंकरण समारोह फ़रवरी माह में प्रतिवर्ष आयोजित होता है। विगत तीन वर्षों से समारोह लगातार आयोजित हो रहा है, वर्ष 2020 में संस्थान द्वारा हिन्दी गौरव अलंकरण प्रदान करना प्रारंभ किया, यह मातृभाषा उन्नयन संस्थान द्वारा प्रदान किया जाने वाला प्रतिष्ठित अलंकरण है।
इस अलंकरण से प्रतिवर्ष दो विभूतियों को अलंकृत किया जाता है। इस अलंकरण में चयनित विभूतियों की दो श्रेणी है, एक हिन्दी साहित्य और दूसरी हिन्दी पत्रकारिता।

वर्ष 2020 में पद्मश्री अभय छजलानी व कवि श्रेष्ठ राजकुमार कुम्भज को, वर्ष 2021 में राष्ट्रभाषा प्रचार समिति, भोपाल में कैलाश चंद्र पंत व निदेशक, साहित्य अकादमी, म. प्र. शासन डॉ. विकास दवे को तथा वर्ष 2022 में वरिष्ठ कहानीकार, उपन्यासकार डॉ. कृष्णा अग्निहोत्री व देवपुत्र के सम्पादक कृष्ण कुमार अष्ठाना को अलंकृत किया गया था।

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Tue Jan 31 , 2023
मातृभाषा उन्नयन संस्थान का प्रतिष्ठित सम्मान देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए दृढ़ता से कार्य करने वाले प्रतिष्ठित ‘मातृभाषा उन्नयन संस्थान’ द्वारा हिन्दी भाषा की अनवरत सेवा के लिए प्रदान किए जाने वाला सर्वोच्च सम्मान ‘हिन्दी गौरव अलंकरण’ है। इसकी शुरुआत वर्ष 2020 से हुई […]

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।