कर दिया कमाल

Read Time0Seconds

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी पुण्यतिथि विशेष

ना कोई खड्ग था,
ना ही कोई ढाल।
तेरी लाठी ने ही बापू,
कर दिया कमाल।

आँधियाँ बुझा ना पाईं,
बापू तेरी मशाल।
फिरंगियों का तूने,
किया था बुरा हाल।

माँ भारती का तुमसे,
देखा ना गया हाल।
तोड़नी थीं बेड़ियां,
गुलामी की हर हाल।

सत्य को तलवार बना,
अहिंसा को ढाल।
माँ भारती के लाल तूने,
कर दिया कमाल।

जीवन था तेरा सादा,
और उच्च थे विचार।
दुश्मन के सामने भी,
ना छोड़ा सदाचार।

काँटों भरी राह पर,
नंगे पैर चल दिये।
तेरे एक इशारे पे,
हज़ारों पैर चल दिए।

हो सत्याग्रह आंदोलन ,
या दांडी की यात्रा हो।
अंग्रेंजों की हार हो बस,
देश में पूर्ण स्वराज हो।

चरखे के ताने बाने से,
तूने रच डाला इतिहास।
फिरंगियों को चटा धूल,
तिरंगे की बचाई लाज।

गैरों में दम कहाँ था,
दगा अपने कर गए।
गोडसे से जालिम,
सीना छलनी कर गए।

अमर रहेगी गाथा तेरी,
अमर रहेगा नाम।
बापू जी तुम्हारे चरणों में,

शत शत है प्रणाम।

स्वरचित
सपना (स. अ.)
प्रा.वि. -उजीतीपुर
वि.ख.-भाग्यनगर
जनपद-औरैया

0 0

matruadmin

Next Post

फ़िल्मो में प्रयोग होती कनपुरिया लफ़्फ़ाज़ी

Sat Jan 30 , 2021
मशहूर कहावत है “ढाई कोस पास पर पानी बदले और ढाई कोस पर वाणी” यह कहावत बिल्कुल सटीक है- क्योंकि कानपुर से लखनऊ ज़्यादा दूर नहीं है लेकिन भाषा बिल्कुल अलग है। लखनऊ में उर्दू मिक्स अवधी बोली जाती है तो कानपुर में एकदम रौबदार कनपुरिया जो आजकल बॉलीवुड को […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।